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गणतंत्र दिवस परेड: राज्य की झांकी को शामिल नहीं करने पर सिद्धारमैया ने कसा तंज; केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
Tue, 09 Jan 2024 10:47 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 09 Jan 2024 10:47 PM IST
सार
सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मुख्यमंत्री कर्नाटक को पिछले साल भी इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था। तब भी राज्य की झांकी को शुरू में परेड़ में शामिल करने से मना कर दिया गया था, लेकिन बाद में कर्नाटक चुनावों को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी गई थी।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गणतंत्र दिवस परेड में कर्नाटक की झांकी को शामिल न करने के मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है इसलिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस परेड में राज्य की झांकी को शामिल करने से इनकार कर दिया।
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सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य की झांकियों के प्रस्तावों में मैसूरु के शासक नलवाडी कृष्णराज वोडेयार, कित्तूर रानी चेन्नम्मा के जीवन को प्रदर्शित करना शामिल था। उन्होंने झांसी की रानी लक्ष्मी बाई और बेंगलुरु के संस्थापक नादप्रभु केम्पेगौड़ा की तरह अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मुख्यमंत्री कर्नाटक को पिछले साल भी इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था। तब भी राज्य की झांकी को शुरू में परेड़ में शामिल करने से मना कर दिया गया था, लेकिन बाद में कर्नाटक चुनावों को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी गई थी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी केंद्र सरकार ने कन्नडिगाओं का अपमान करने की अपनी प्रवृत्ति जारी रखी है। कर्नाटक से कई झांकी प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन केंद्र सरकार ने इन सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। सिद्दारमैया ने आरोप लगाया कि केंद्रीय समिति ने हमारे अनुरोध को खारिज कर दिया, जिससे हम देश को अपने राज्य की अपार उपलब्धियों और अनुकरणीय शख्सियतों से परिचित कराने के अवसर से वंचित हो गए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तथ्य कि राज्य में कांग्रेस सरकार सत्ता में है, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के लिए चिंता का विषय प्रतीत होता है। वे कर के हस्तांतरण से लेकर सूखा राहत कोष तक में हमारे साथ अन्याय कर रहे हैं। केंद्र लगातार राजनीतिक द्वेष से राज्य के लोगों पर हमला कर रहा है।
इस दौरान सिद्धारमैया ने कर्नाटक के सांसदों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कर्नाटक के भाजपा सांसद इस अन्याय पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। वे नरेंद्र मोदी की कठपुतली बन गए हैं। उन्होंने पूछा कि वे किसके प्रति वफादार हैं? कन्नड़ या नरेंद्र मोदी? आगे मुख्यमंत्री ने मांग करते हुए कहा कि अभी भी बहुत देर नहीं हुई है, केंद्र सरकार को तुरंत अपनी गलती सुधारनी चाहिए। हमें प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस परेड में झांकी प्रस्तुति में भाग लेने की अनुमति देकर कर्नाटक के साथ हुए अन्याय को सुधारना चाहिए।