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Karnataka: सिद्धारमैया-तेजस्वी सूर्या में जुबानी जंग, बलिदानी के परिवार को मुआवजे देने के मामले में आमने-सामने

Tue, 05 Dec 2023 11:38 PM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेलगावी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेलगावी Published by: यशोधन शर्मा Updated Tue, 05 Dec 2023 11:38 PM IST
सार

बेंगलुरु दक्षिण से सांसद सूर्या ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने कैप्टन प्रांजल के परिजनों को किसी भी मुआवजे की घोषणा करने से इनकार कर दिया। सिद्धारमैया ने अपने बयान को गलत तरीके से पेश करने और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए भाजपा सांसद पर निशाना साधा।

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CM Siddaramaiah BJP MP Tejasvi Surya trade charges over compensation to martyr family
CM Siddaramaiah, and BJP MP Tejasvi Surya - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पिछले महीने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए कैप्टन प्रांजल एमवी के परिवार को मुआवजे को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया।

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 बेंगलुरु दक्षिण से सांसद सूर्या ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने कैप्टन प्रांजल के परिजनों को किसी भी मुआवजे की घोषणा करने से इनकार कर दिया। सिद्धारमैया ने अपने बयान को गलत तरीके से पेश करने और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए भाजपा सांसद पर निशाना साधा।
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दो दिसंबर को एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सूर्या ने सिद्धारमैया से पूछा था कि कैप्टन प्रांजल के सर्वोच्च बलिदान के 10 दिन बाद भी राज्य सरकार की ओर से किसी ने भी उनके परिवार से अभी तक संपर्क नहीं किया है।
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उन्होंने आगे लिखा कि हमारे देश की सेवा में कैप्टन प्रांजल को शहीद हुए 10 दिन हो गए हैं। फिर भी राज्य सरकार ने दिवंगत आत्मा के परिजनों को सम्मानजनक सम्मान राशि देने की दिशा में कदम नहीं उठाया है। इस संबंध में उनसे संपर्क भी नहीं किया गया है, जबकि कोई भी मुआवजा कैप्टन प्रांजल को वापस नहीं ला सकता है और जैसा कि हमेशा मीडिया का ध्यान अन्य मुद्दों पर जाता है। यह महत्वपूर्ण है कि उनके माता-पिता को इस कठिन समय में पर्याप्त सहायता प्रदान की जाए। मैं सीएम सिद्धारमैया और डीसीएम डीकेशिवकुमार से अनुरोध करता हूं कि वे इस मुद्दे में देरी न करें और कैप्टन प्रांजल के माता-पिता को तुरंत 50 लाख रुपये का मुआवजा जारी करें।

सांसद ने जारी किया वीडियो
सूर्या ने एक्स पर सिद्धारमैया का एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें  एक कन्नड़ समाचार चैनल के साथ सिद्धारमैया की बातचीत के दौरान उनसे शहीद के परिवार को मुआवजा देने पर सूर्या के बयान के बारे में पूछा गया।  

जवाब में, मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कहा, 'किसने प्रांजल के परिवार को भुगतान करने की घोषणा की थी? किसने मुआवजे की बात कही और फिर देने से मना कर दिया? यह अलग बात है कि हम भुगतान करेंगे लेकिन भुगतान करने का वादा किसने किया था? क्या मैंने, मेरी सरकार या किसी ने ऐसा कहा? आप बिना कुछ जाने बस सवाल पूछते हैं।'

सिद्धारमैया ने वीडियो में आगे कहा कि अगर रकम देनी होगी तो दे दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार ने उन्हें 50 लाख रुपये देने की घोषणा की है। एक करोड़ रुपये की मांग के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सहित देश के किसी भी राज्य द्वारा शहीदों को एक करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, तो उन्हें आदेश की प्रति प्रदान की जानी चाहिए।  

वीडियो वायरल होते ही एक्स पर जारी किया पोस्ट
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सिद्धारमैया ने मंगलवार को एक्स पर अपना बयान पोस्ट किया। सूर्या की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, 'यह मेरे ध्यान में आया है कि तेजस्वी सूर्या नाम के एक भाजपा सांसद ने मेरे बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है। वीडियो में, पृष्ठभूमि शोर के कारण, रिपोर्टर के प्रश्न का प्रारंभिक भाग स्पष्ट नहीं था।

उन्होंने बताया कि 'जब मुझे एहसास हुआ कि प्रश्न दिवंगत कैप्टन प्रांजल से संबंधित है, तो मैंने न केवल इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार मुआवजा देने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि यह भी कहा कि अगर किसी अन्य राज्य ने शहीद सैनिकों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है, तो हम हैं और इतनी ही राशि देने को भी तैयार हैं। 

सिद्धारमैया ने कहा कि मंगलवार को सरकारी अधिकारियों ने कैप्टन प्रांजल के परिवार को मुआवजे का चेक दिया।  उन्होंने सूर्या पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक क्लिप प्रसारित करने और न केवल कैप्टन प्रांजल और उनके रिश्तेदारों बल्कि व्यापक सैन्य समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया। 

सीएम ने सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा, अगर इस सांसद में थोड़ी भी गरिमा हो तो वह अपनी गलती स्वीकार करेंगे और सार्वजनिक माफी मांगेंगे। सिद्धारमैया ने कहा, जनता मानती है कि भाजपा के लिए राष्ट्र, भगवान और सैनिक उनके राजनीतिक स्वार्थ के साधन मात्र हैं। 


उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन कैप्टन प्रांजल का पार्थिव शरीर यहां लाया गया, उस दिन भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु में थे, लेकिन उन्होंने अंतिम सम्मान देने और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने का शिष्टाचार नहीं दिखाया। फिर भी, हमने इस पर विवाद पैदा नहीं किया। हालांकि, भाजपा सांसद ने मेरी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से झूठ के प्रचार के लिए एक नायक के सर्वोच्च बलिदान का शोषण किया है, जो एक निंदनीय कृत्य है। 

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