{"_id":"62952ba8ffaa54476022eae9","slug":"cm-office-had-received-a-threatening-email-over-ban-widowhood-rituals","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: राज्य सरकार को मिली धमकी, विधवाओं से जुड़ी प्रथाएं बंद करने से खफा अज्ञात ने भेजा ईमेल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: राज्य सरकार को मिली धमकी, विधवाओं से जुड़ी प्रथाएं बंद करने से खफा अज्ञात ने भेजा ईमेल
Tue, 31 May 2022 02:10 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 31 May 2022 02:10 AM IST
सार
ईमेल मिलने के बाद अहमदनगर के पुलिस अधीक्षक मनोज पाटिल को कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को किसी ने धमकी भरा मेल किया, जिसमें विधवा प्रथा को लेकर बात कही गई थी। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के हालिया फैसले पर एक धमकी भरा ईमेल मिला है जिसमें ग्राम पंचायतों से विधवा होने की प्रथा पर प्रतिबंध न लगाने का आग्रह किया गया है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने इस बात की जानकारी दी साथ ही उन्होंने एक बयान में कहा कि ईमेल मिलने के बाद अहमदनगर के पुलिस अधीक्षक मनोज पाटिल को कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में पता चला है कि
मेल भेजने वाला मानसिक रूप से अस्वस्थ हो सकता है। इस महीने की शुरुआत में, महाराष्ट्र के मंत्री हसन मुश्रीफ ने राज्य में ग्राम सभाओं को विधवापन के अनुष्ठानों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोल्हापुर जिले के हेरवाड़ गांव के उदाहरण का पालन करने के लिए कहा था।
विज्ञापन
कोल्हापुर जिले के हेरवाड ग्राम पंचायत के सरपंच की पहल
परंपरानुसार हिंदू महिलाओं के विधवा होने पर उनकी मांग का सिंदूर पोछ दिया जाता है। चूड़ियां तोड़ दी जाती है और मंगलसूत्र से लेकर पांव के पायल भी निकाल दिए जाते हैं। इस प्रथा के खिलाफ कोल्हापुर जिले के हेरवाड ग्राम पंचायत के सरपंच सुरगोंडा पाटिल और ग्राम विकास अधिकारी पल्लवी कोलेकर ने बीते 4 मई को इसकी पहल की और ग्रामसभा ने इस प्रस्ताव पेश किया जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया था।