गडकरी के साथ नीतीश ने की सवारी, 'वन नेशन-वन इलेक्शन' का किया समर्थन
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इन दिनों पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बहस जोरों पर है। इस कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बुधवार (31 जनवरी) को पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मैं लंबे समय से इस विचार के पक्ष में हूं, अगर पूरे देश में चुनाव एक साथ आयोजित किए जाएंगे तो इन पर लगने वाला खर्च कम हो जाएगा और निर्वाचित सरकार को काम करने के लिए और ज्यादा समय मिल पाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इसके कार्यान्वयन के लिए हर किसी की सहमति की आवश्यकता है।
बताते चलें कि सीएम नीतीश कुमार इन दिनों दिल्ली दौरे पर आए हुए हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ एथनॉल से चलने वाली गाड़ियों का जायजा भी लिया है। आपको बता दें कि इस मसले पर सोमवार (29 जनवरी) को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने अभिभाषण में लोकसभा और राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव एक साथ कराने जाने पर सहमति जता चुके हैं।
I am in favour of the idea since a long time. If elections would be conducted in a one go, expenses will be reduced & elected govt will get more time to work. Its implementation needs everyone's consent: Bihar CM Nitish Kumar on simultaneous General & Assembly elections pic.twitter.com/kSVuhMuIN0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 31, 2018
Union Transport Minister Nitin Gadkari & Bihar Chief Minister Nitish Kumar inspected vehicles running on ethanol (alternative fuel) in #Delhi pic.twitter.com/7wKb2NGNFI
— ANI (@ANI) January 31, 2018
गौरतलब है कि सोमवार (22 जनवरी) को पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ साथ कराने के सवाल पर संसदीय समिति दो धड़ों में बंट गई थी। विपक्ष ने एक देश एक चुनाव के सवाल पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए तो राजग सदस्यों ने इसे राष्ट्रहित के लिए जरूरी बताया था। बहरहाल इस मामले में आम राय नहीं बनने के कारण कमेटी की ओर से रिपोर्ट पेश करने में देरी हो सकती है। सरकार की मंशा इसी बजट सत्र में समिति की रिपोर्ट पर संसद में चर्चा कराने की थी।
भाजपा के राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव की अगुवाई वाली संसदीय समिति की सोमवार को हुई बैठक में इस सवाल पर सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।
सदस्यों का कहना था कि अलग-अलग राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने में इतना अधिक अंतर है कि इस प्रस्ताव पर आगे ही नहीं बढ़ा जा सकता। हालांकि सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से खुद समिति के अध्यक्ष यादव, प्रभात झा, मीनाक्षी लेखी, राजीव प्रताप रूडी ने प्रस्ताव को देशहित में बताते हुए इसका समर्थन किया था।