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West Bengal: सिंगुर परियोजना के खिलाफ 26 दिन के अनशन को ममता ने किया याद, बोलीं- वही लड़ाई मुझमें अभी भी जिंदा
Sun, 04 Dec 2022 11:04 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 04 Dec 2022 11:04 PM IST
सार
सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट किया कि आज से 16 साल पहले, मैंने सिंगूर और देश के बाकी हिस्सों के किसानों के लिए अपनी भूख हड़ताल शुरू की थी। यह मेरा नैतिक कर्तव्य था। मैं अपने लोगों के अधिकारों को कभी खतरे में नहीं पड़ने दूंगी।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी अपने मुखर बयानों के लिए जानी जाती हैं। कई मौंकों पर केंद्र सरकार के खिलाफ अकेले मोर्चा खोलती दिखाई दी हैं। वहीं एक बार फिर उन्होंने अपनी पुरानी लड़ाई को याद करते हुए कहा कि अगर लोगों के अधिकारों को खतरा होगा तो वह कभी चुप नहीं बैठेंगी।
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ममता बनर्जी ने अपनी 16 साल पहले आज के दिन सिंगुर में एक कार कारखाने के लिए कृषि भूमि के जबरन अधिग्रहण का विरोध करने के लिए भूख हड़ताल की थी और वह लोगों के लिए 26 दिन तक अनशन पर बैठी रही थीं। चार दिसंबर को उसी की वर्षगांठ मनाई जाती है। आगे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अभी भी उनमें वह लड़ाई अभी भी जिंदा है।
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सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट किया कि आज से 16 साल पहले, मैंने सिंगूर और देश के बाकी हिस्सों के किसानों के लिए अपनी भूख हड़ताल शुरू की थी। यह मेरा नैतिक कर्तव्य था कि मैं उन लोगों के लिए लड़ी जो ताकतवर के लालच के कारण लाचार रह गए थे। उस लड़ाई में मैं उनके लिए लड़ी। मुझमें वह लड़ाई अभी जारी है। मैं अपने लोगों के अधिकारों को कभी खतरे में नहीं पड़ने दूंगी।
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हुगली जिले का सिंगुर, जो कभी कई फसलों की खेती के लिए जाना जाता था, पहली बार टाटा मोटर्स ने 2006 में अपनी नैनो कार फैक्ट्री के लिए इस क्षेत्र का चयन किया था और यह मामला काफी सुर्खियों में आया था। वहीं तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग 2 के साथ 997.11 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था और कंपनी प्लांट लगाने के लिए इसे सरकार को सौंप दिया था।
बनर्जी ने उस वर्ष चार दिसंबर को जबरन अधिग्रहीत 347 एकड़ जमीन वापस करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पत्र मिलने के बाद उन्होंने 29 दिसंबर को अनशन समाप्त किया। हालाँकि, आंदोलन जारी रहा और टाटा मोटर्स ने 2008 में सिंगूर छोड़ दिया और उस समय के गुजरात में सीएम मोदी ने टाटा नैनो को जगह दी थी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने दावा किया कि बनर्जी के आंदोलन ने न केवल सिंगूर के लोगों की बड़ी भूल की, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया। राहुल ने बनर्जी पर आरोप लगाया कि उनके आंदोलन की वजह से आज राज्य में कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हो पाया है।