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जरांगे का अनशन फिर शुरू: CM फडणवीस बोले- मराठा समाज के हित में होंगे फैसले, लेकिन OBC के साथ नहीं होगा अन्याय
Sat, 30 May 2026 03:29 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, नागपुर
पीटीआई, नागपुर
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 30 May 2026 03:29 PM IST
सार
सीएम फडणवीस ने ओबीसी समुदाय को भरोसा देते हुए कहा कि इस सरकार ने कभी एक समुदाय से लाभ छीनकर दूसरे को नहीं दिया है और न ही कभी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ''ओबीसी समुदाय को डरने की कोई जरूरत नहीं है। हम मराठा समाज की चिंताओं का समाधान करेंगे, लेकिन ओबीसी समुदाय के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देंगे।''
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार मराठा समुदाय की आरक्षण संबंधी मांगों को लेकर सकारात्मक है और आगे भी उसके हित में फैसले लेती रहेगी। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस प्रक्रिया में ओबीसी समुदाय के साथ कोई अन्याय न होगा। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण के मुद्दे पर ऐसे निर्णय लेगी, जो संविधान और अदालतों की कसौटी पर खरे उतर सकें साथ ही कानूनी जांच में टिक सकें।
नागपुर के भंडेवाड़ी में एक कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस से मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन के बारे में पूछा गया। जरांगे ने शनिवार सुबह जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन शुरू किया। इस बार वह भीषण गर्मी के बावजूद बिना किसी शेड या सुरक्षा व्यवस्था के खुले में उपवास कर रहे हैं।
मनोज जरांगे का अनशन फिर से शुरू
जरांगे ने मराठा समुदाय के लोगों को ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने, हैदराबाद और सतारा गजट रिकॉर्ड लागू करने के साथ आरक्षण आंदोलन में शामिल मराठा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग दोहराई है।
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फडणवीस ने कहा, ''सरकार हमेशा इस मुद्दे पर सकारात्मक रही है। जब-जब कठिनाइयां आईं, सरकार ने फैसले लिए। सरकार का रुख पारदर्शी और सकारात्मक है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी समुदायों के लिए काम करती है और सामाजिक समूहों के बीच टकराव पैदा नहीं करती।
संविधान और अदालत के निर्देशों के अनुरूप लेंगे फैसला : सीएम फडणवीस
उन्होंने कहा, ''मेरे और एकनाथ शिंदे द्वारा मराठा समुदाय के लिए लिए गए फैसले इतिहास में पहले कभी नहीं लिए गए। हम आगे भी समुदाय के हित में फैसले लेते रहेंगे।'' फडणवीस ने जोर देकर कहा कि आरक्षण से जुड़े किसी भी फैसले को संविधान और अदालतों के निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''हमें संविधान, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना है। उसके बाहर लिया गया कोई फैसला भले ही चर्चा बटोर ले, लेकिन वह कानूनी जांच में टिक नहीं पाएगा।'' उन्होंने कहा, ''हम हर वह फैसला लेंगे जो संविधान और अदालतों की कसौटी पर खरा उतर सके।''
ओबीसी समुदाय के अधिकारों में नहीं करेंगे कटौती : मुख्यमंत्री
महाराष्ट्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय मराठाओं को अपने आरक्षण कोटे से लाभ दिए जाने का विरोध करता रहा है। उनका कहना है कि ऐसा होने से उनके मौजूदा लाभ प्रभावित होंगे। ओबीसी समुदाय की चिंताओं पर फडणवीस ने कहा कि सरकार किसी एक समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए दूसरे समुदाय के अधिकारों में कटौती नहीं करेगी।
मराठा आरक्षण से जुड़े सरकारी प्रस्ताव (जीआर) की मांग पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा जारी है। फडणवीस ने कहा, ''मैं अभी विस्तार में नहीं जाना चाहता, लेकिन संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए कोई भी फैसला लेने के लिए हम तैयार हैं।''
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नागपुर के भंडेवाड़ी में एक कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस से मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन के बारे में पूछा गया। जरांगे ने शनिवार सुबह जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन शुरू किया। इस बार वह भीषण गर्मी के बावजूद बिना किसी शेड या सुरक्षा व्यवस्था के खुले में उपवास कर रहे हैं।
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मनोज जरांगे का अनशन फिर से शुरू
जरांगे ने मराठा समुदाय के लोगों को ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने, हैदराबाद और सतारा गजट रिकॉर्ड लागू करने के साथ आरक्षण आंदोलन में शामिल मराठा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग दोहराई है।
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फडणवीस ने कहा, ''सरकार हमेशा इस मुद्दे पर सकारात्मक रही है। जब-जब कठिनाइयां आईं, सरकार ने फैसले लिए। सरकार का रुख पारदर्शी और सकारात्मक है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी समुदायों के लिए काम करती है और सामाजिक समूहों के बीच टकराव पैदा नहीं करती।
संविधान और अदालत के निर्देशों के अनुरूप लेंगे फैसला : सीएम फडणवीस
उन्होंने कहा, ''मेरे और एकनाथ शिंदे द्वारा मराठा समुदाय के लिए लिए गए फैसले इतिहास में पहले कभी नहीं लिए गए। हम आगे भी समुदाय के हित में फैसले लेते रहेंगे।'' फडणवीस ने जोर देकर कहा कि आरक्षण से जुड़े किसी भी फैसले को संविधान और अदालतों के निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''हमें संविधान, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना है। उसके बाहर लिया गया कोई फैसला भले ही चर्चा बटोर ले, लेकिन वह कानूनी जांच में टिक नहीं पाएगा।'' उन्होंने कहा, ''हम हर वह फैसला लेंगे जो संविधान और अदालतों की कसौटी पर खरा उतर सके।''
ओबीसी समुदाय के अधिकारों में नहीं करेंगे कटौती : मुख्यमंत्री
महाराष्ट्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय मराठाओं को अपने आरक्षण कोटे से लाभ दिए जाने का विरोध करता रहा है। उनका कहना है कि ऐसा होने से उनके मौजूदा लाभ प्रभावित होंगे। ओबीसी समुदाय की चिंताओं पर फडणवीस ने कहा कि सरकार किसी एक समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए दूसरे समुदाय के अधिकारों में कटौती नहीं करेगी।
मराठा आरक्षण से जुड़े सरकारी प्रस्ताव (जीआर) की मांग पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा जारी है। फडणवीस ने कहा, ''मैं अभी विस्तार में नहीं जाना चाहता, लेकिन संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए कोई भी फैसला लेने के लिए हम तैयार हैं।''