{"_id":"68d57a68f17aa0ad470cf997","slug":"cm-chandrababu-naidu-questioned-how-a-police-inspector-dared-to-serve-him-a-legal-notice-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: पुलिस अफसर पर भड़के सीएम नायडू, बोले- मुझे कानूनी नोटिस भेजने की हिम्मत कैसे हुई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: पुलिस अफसर पर भड़के सीएम नायडू, बोले- मुझे कानूनी नोटिस भेजने की हिम्मत कैसे हुई
Thu, 25 Sep 2025 10:52 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 25 Sep 2025 10:52 PM IST
विज्ञापन
सीएम चंद्रबाबू नायडू
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को सवाल उठाया कि एक पुलिस निरीक्षक उन्हें कानूनी नोटिस भेजने की हिम्मत कैसे कर सकता है। पुलिस निरीक्षक जे शंकरैया ने 2019 में वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी के चाचा वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या को लेकर नायडू के बयानों पर हाल ही में उन्हें कानूनी नोटिस भेजा।
शंकरैया ने नायडू पर विवेकानंद रेड्डी की मृत्यु के बाद की घटनाओं को लेकर विभिन्न मंचों से उनके खिलाफ बार-बार झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस निरीक्षक ने आरोप लगाया कि नायडू उन पर विवेकानंद रेड्डी की हत्या की घटना के तुरंत बाद मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में भूमिका निभाने का झूठा आरोप लगाते रहे हैं। 2019 के चुनावों से ठीक पहले 15 मार्च 2019 को रेड्डी हत्या कर दी गई थी।
'मैंने अपने जीवन में इस तरह की चीजें कभी नहीं देखीं'
नायडू ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा, मैंने अपने जीवन में इस तरह की चीजें कभी नहीं देखीं। जब मैं 2019 में मुख्यमंत्री था, तब वह व्यक्ति उस जगह यानी हत्या के मौके पर मौजूद था। उसने मुझे मानहानि का नोटिस भेजने की हिम्मत कैसे की? नायडू ने आरोप लगाया कि शंकरैया ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजने के लिए अपराधियों के साथ मिलीभगत की है। नायडू ने आश्चर्य जताया कि देश में यह सब क्या हो रहा है।
विज्ञापन
नायडू ने सदन में कहा, क्या आपने ऐसा कहीं देखा है? यह कोई छोटी बात नहीं है। विवेकानंद रेड्डी मामले की जांच सीबीआई के पास है और उसे इन बातों का संज्ञान लेना चाहिए। अन्यथा हम कानून-व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शंकरैया विवेकानंद रेड्डी की हत्या के समय पुलिवेंदुला के इंस्पेक्टर थे और उन्होंने घटनास्थल की सुरक्षा नहीं की।
नायडू को भेजे गए नोटिस में शंकरैया ने आरोप लगाया कि नायडू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस, विधानसभा में भाषणों और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बयान दिए हैं। जिससे उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति हुई।
विज्ञापन
शंकरैया ने नायडू पर विवेकानंद रेड्डी की मृत्यु के बाद की घटनाओं को लेकर विभिन्न मंचों से उनके खिलाफ बार-बार झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस निरीक्षक ने आरोप लगाया कि नायडू उन पर विवेकानंद रेड्डी की हत्या की घटना के तुरंत बाद मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में भूमिका निभाने का झूठा आरोप लगाते रहे हैं। 2019 के चुनावों से ठीक पहले 15 मार्च 2019 को रेड्डी हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
'मैंने अपने जीवन में इस तरह की चीजें कभी नहीं देखीं'
नायडू ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा, मैंने अपने जीवन में इस तरह की चीजें कभी नहीं देखीं। जब मैं 2019 में मुख्यमंत्री था, तब वह व्यक्ति उस जगह यानी हत्या के मौके पर मौजूद था। उसने मुझे मानहानि का नोटिस भेजने की हिम्मत कैसे की? नायडू ने आरोप लगाया कि शंकरैया ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजने के लिए अपराधियों के साथ मिलीभगत की है। नायडू ने आश्चर्य जताया कि देश में यह सब क्या हो रहा है।
विज्ञापन
नायडू ने सदन में कहा, क्या आपने ऐसा कहीं देखा है? यह कोई छोटी बात नहीं है। विवेकानंद रेड्डी मामले की जांच सीबीआई के पास है और उसे इन बातों का संज्ञान लेना चाहिए। अन्यथा हम कानून-व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शंकरैया विवेकानंद रेड्डी की हत्या के समय पुलिवेंदुला के इंस्पेक्टर थे और उन्होंने घटनास्थल की सुरक्षा नहीं की।
नायडू को भेजे गए नोटिस में शंकरैया ने आरोप लगाया कि नायडू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस, विधानसभा में भाषणों और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बयान दिए हैं। जिससे उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति हुई।