Climate Change: नेपाल के पीएम देउबा ने जताई चिंता, बोले- कम कार्बन उत्सर्जन के बावजूद जलवायु परिवर्तन का ज्यादा असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल के लोगों की आजीविका में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव गंभीर हैं। हालांकि, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल का योगदान न्यूनतम है। हम पहले से अधिक तापमान के साथ जलवायु परिवर्तन का बोझ उठा रहे हैं।
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नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने शनिवार को जलवायु संकट पर चिंता जताई। इसके मद्देनजर जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से जलवायु परिवर्तन अभियान का शुभारंभ किया गया। उन्होंने बताया कि नेपाल अपनी कम कार्बन उत्सर्जन दरों के बावजूद जलवायु परिवर्तन के बड़े प्रभाव को झेल रहा है। उन्होंने जनता को यूनिटी फॉर सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता के लिए एकता) का पाठ भी पढ़ाया।
प्रधानमंत्री का “यूनिटी फॉर सस्टेनेबिलिटी” अभियान
प्रधानमंत्री ने कहा, “नेपाल के लोगों की आजीविका में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव गंभीर हैं। हालांकि, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल का योगदान न्यूनतम है। हम पहले से अधिक तापमान के साथ जलवायु परिवर्तन का बोझ उठा रहे हैं। हमारे ग्लेशियर पिघल रहे हैं, बर्फबारी कम हो रही है और हिमपात हो रहा है। इतना ही नहीं हिमालयी क्षेत्र भी पिघल रहे हैं।”
पहले भी उठाया जा चुका है मुद्दा
जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर जागरूकता बढ़ाने के लिए इस अभियान के शुभारंभ को प्रधानमंत्री एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं। इसकी सराहना करते हुए उन्होंने सभी हितधारकों से एक साथ मिल कर काम करने का भी आह्वान किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल सरकार संक्षिप्त मसौदा तैयार करने के लिए काम कर रही है और जलवायु परिवर्तन को लक्षित करने वाली दीर्घकालिक योजनाएं भी बना रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले साल यूके के ग्लासगो में आयोजित सीओपी 26 जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान भी उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। प्रधानमंत्री देउबा ने दावा किया कि सरकार 2045 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनने के लिए प्रतिबद्ध है और दृढ़ता से काम कर रहा है। इसके साथ ही दशक के अंत तक नेपाल में जंगल का प्रतिशत बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने का भी उद्देश्य है।