अनीश खान मौत मामला: आलिया विवि के छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प, ममता बनर्जी ने जांच के लिए बनाई एसआईटी
अनीश खान की मौत मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जब राइटर्स बिल्डिंग की ओर बैरिकेड्स तोड़ने और मार्च करने की कोशिश की तब पुलिस ने छात्रों पर बल प्रयोग किया। जिसके बाद छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छात्रनेता अनीश खान की मौत मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर मंगलवार को आलिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अनीश खान की तस्वीरें लेकर छात्रों ने रैली निकालते हुए हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मार्च के दौरान जब छात्रों ने राइटर्स बिल्डिंग की ओर बैरिकेड्स तोड़ने और मार्च करने की कोशिश की तब पुलिस ने छात्रों पर बल प्रयोग किया। जिसके बाद छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
#WATCH | Kolkata | Students of Aliah University took out a protest march to the secretariat demanding justice for former student leader Anis Khan who was found dead on 18th Feb. They were later detained by Police.
विज्ञापन
WB Police has constituted a 3-member SIT to probe the matter. pic.twitter.com/JLDpAFnaKV — ANI (@ANI) February 22, 2022
कथित तौर पर अनीश खान की पिछले सप्ताह हत्या कर दी गई थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हत्या की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस मामले में अब तक तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने छात्र नेता अनीस खान की कथित हत्या के मामले में सोमवार को स्वत: संज्ञान लिया। साथ ही राज्य सरकार से इस संबंध में 24 फरवरी तक जवाब देने को कहा है। गौरतलब है कि अनीश खान के पिता ने आरोप लगाया है कि 18 फरवरी की रात को हावड़ा जिले के अमता में चार लोग पुलिस की वर्दी और सादे कपड़ों में पहुंचे थे। उन्होंने घर की तीसरी मंजिल से अनीश को धक्का दे दिया। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। अनीश के पिता ने बेटे की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
अनीश खान पहले सीपीआई (एम) की छात्र शाखा एसएफआई के नेता थे। वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ कोलकाता में हुए विरोध प्रदर्शनों का एक प्रमुख चेहरा रहे। बाद में वह इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) में शामिल हो गए। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।