Waqf Bill: संसदीय समिति में शामिल विपक्षी सांसदों का दावा, कहा- लोकसभा अध्यक्ष ने पूरा नहीं किया आश्वासन
सदों ने कहा कि उन्होंने पांच नवंबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला साथ बैठक की थी। उन्हें उम्मीद थी कि इसके बाद संसदीय समिति के पांच राज्यों के दौरे को टाला जा सकता है। मगर ऐसा नहीं हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर काम रही संसदीय समिति (JPC) में शामिल विपक्षी सांसदों ने दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष ने ओम बिरला ने मुलाकात के बाद उन्हें जो आश्वासन दिया था, उसे पूरा नहीं किया। विपक्षी सांसदों ने समिति अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर आरोप लगाया कि वह बैठकों का कोरम पूरा नहीं होने के बावजूद भी राज्यों का दौरा कर रहे हैं।
समिति में शामिल विपक्षी सांसदों ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद पाल सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। सांसदों ने कहा कि उन्होंने पांच नवंबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला साथ बैठक की थी। उन्हें उम्मीद थी कि इसके बाद संसदीय समिति के पांच राज्यों के दौरे को टाला जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सांसदों ने कहा कि गुवाहाटी में समिति की बैठक में केवल पांच सदस्यों ने हिस्सा लिया था, जो कि कोरम से भी बहुत कम है। विपक्षी सांसदों ने कहा कि उनसे मुलाकात के बाद लगा था कि समिति की बैठकें अब हफ्ते में एक दिन या पखवाड़े में लगातार दो दिन होंगी। ताकि उन्हें बैठकों में दिए जाने वाले सुझावों को तैयार करने और उन पर विचार करने का मौका मिल सके। मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
समिति अध्यक्ष ने खारिज किए आरोप
वहीं संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संसदीय समितियों के दौरे अनौपचारिक हैं। इनमें कोरम पर अमल जैसी औपचारिकताओं को पूरा करने की बाध्यता नहीं होती। उन्होंने कहा कि वह 25 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के पहले हफ्ते के आखिरी दिन तक समिति की रिपोर्ट सौंपने को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने 200-250 पन्नों की रिपोर्ट पहले ही तैयार कर ली है।
मुझसे बड़ा कोई लोकतंत्रवादी कोई नहीं
समिति अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि उनसे बड़ा कोई लोकतंत्रवादी नहीं है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को समिति की बैठकों में हर बार जितने चाहे उतने मुद्दे उठाने और जितने चाहे उतने सवाल पूछने की इजाजत दी। उन्होंने कहा कि असदुद्दीन औवैसी से पूछिए, जो बहुत तैयारी के साथ समिति की बैठकों में हिस्सा लेते हैं। मैंने उन्हें हमेशा अपनी बात रखने की अनुमति दी है। सैयद नसीर हुसैन और कल्याण बनर्जी के मामले में भी ऐसा ही है।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.