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विवाद: लोगों की इच्छा के खिलाफ मेघालय के तीन गांव असम को देने का दावा, जानें पूरा मामला
Thu, 07 Apr 2022 10:39 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 07 Apr 2022 10:39 PM IST
सार
पेंगनियांग ने कहा कि एमडीए की बैठक में वे यह मुद्दा उठाएंगे। मार्च में हस्ताक्षरित समझौते के तहत 36.79 वर्गकिमी क्षेत्र में विवाद सुलझाया गया है। इनमें से असम को 18.46 और मेघालय को 18.33 वर्गकिमी इलाका मिलेगा।
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असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा (बाएं) और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा।
- फोटो : Social Media
विस्तार
हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के अध्यक्ष केपी पेंगनियांग ने आरोप लगाया है कि अंतरराज्यीय सीमा विवाद सुलझाने के लिए हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री कोनराड संगमा और असमी समकक्ष के समझौते के तहत मूल रूप से वेस्ट खासी पहाड़ों के तीन गांव जॉयपुर, सलबारी और हुवापारा अब मेघालय की लिस्ट में नहीं हैं।
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सत्ताधारी मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) में शामिल एचएसपीडीपी ने कहा कि स्थानीय लोगों की इच्छा के विपरीत ये गांव असम को सौंप दिए गए हैं। हालांकि तीनों गांवों के लोगों ने खुलकर कहा था कि वे मेघालय का हिस्सा बने रहना चाहते हैं। मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा में एचएसपीडीपी के दो सदस्य हैं।
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पेंगनियांग ने कहा कि एमडीए की बैठक में वे यह मुद्दा उठाएंगे। मार्च में हस्ताक्षरित समझौते के तहत 36.79 वर्गकिमी क्षेत्र में विवाद सुलझाया गया है। इनमें से असम को 18.46 और मेघालय को 18.33 वर्गकिमी इलाका मिलेगा।
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