CJP Protest: आप का आरोप- राहुल गांधी सीजेपी का आंदोलन कमजोर कर रहे, कॉकरोच पीएम और BJP के रवैये पर क्या बोले?
सीजेपी आंदोलन को लेकर अब विपक्षी दलों के बीच भी टकराव बढ़ता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी का धरना सीजेपी के आंदोलन को कमजोर कर रहा है और इसे भाजपा के साथ जुगलबंदी बताया है। दूसरी ओर सीजेपी ने पुलिस कार्रवाई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आइए, विस्तार से पूरे विवाद को जानते हैं...
विस्तार
वहीं, AAP नेता अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शुरू से ही छात्रों के आंदोलन के खिलाफ रही है और अब उसका उद्देश्य जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन से लोगों का ध्यान हटाना है। अनुराग ने कहा कि राहुल गांधी की कार्रवाई साफ तौर पर मिलीभगत की ओर इशारा करती है। प्रधानमंत्री ने मानो उन्हें अपने ही आवास के बाहर धरना देने का न्योता दिया और मीडिया को उसका व्यापक कवरेज देने के लिए कहा, ताकि जंतर-मंतर पर घायल छात्रों के मुद्दे से ध्यान भटक जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान राहुल गांधी के बयानों से असली मुद्दा भटक गया था और अब भी वही कोशिश दोहराई जा रही है।
सीजेपी ने अपनी प्रवक्ता को क्यों हटाया?
सीजेपी ने अपनी प्रवक्ता विजेता दहिया के व्यवहार की सार्वजनिक रूप से निंदा की है। पार्टी ने कहा कि जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और संगठन के सदस्य पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उस दौरान सामने आए उनके वीडियो संगठन के मूल्यों के अनुरूप नहीं थे। सीजेपी ने इसे असंवेदनशील और गलत निर्णय बताया। इसके बाद पार्टी ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाने और उनकी सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां वापस लेने का फैसला किया।ये भी पढ़ें- CJP Protest: आप का आरोप- राहुल गांधी सीजेपी का आंदोलन कमजोर कर रहे, कॉकरोच पीएम और BJP के रवैये पर क्या बोले?
लाठीचार्ज पीड़ितों से मिलने अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा, सीजेपी ने कसा तंज
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा लाठीचार्ज में घायल हुए लोगों से मिलने अस्पताल पहुंचे। इस पर सीजेपी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर समय रहते युवाओं की बात सुन ली जाती तो लाठीचार्ज जैसी स्थिति पैदा नहीं होती। सीजेपी ने अपने बयान में कहा, "कल युवाओं को पिटवाकर आज मिलने का क्या मतलब मंत्री जी? अगर सरकार सही समय पर उनकी बात सुन लेती तो यह नौबत ही नहीं आती।" सीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण हालात बिगड़े।
राहुल गांधी के धरने पर क्या बोले नितिन नवीन?
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस प्रदर्शन को निंदनीय बताते हुए कहा कि यह भारतीय राजनीति के इतिहास का काला दिन है।
उन्होंने आगे कहा, "आज राहुल गांधी ने जिस तरह का व्यवहार किया, वह गरिमाहीन और निंदनीय है। यह असहमति की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकता की राजनीति है।" उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के धरने में शामिल होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज कराने के बजाय अराजकता फैलाने की कोशिश की।
पीएम मोदी के पुराने बयान का जिक्र क्यों किया गया?
सीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए सवाल उठाया। पार्टी ने कहा कि जब अन्ना हजारे का आंदोलन चल रहा था, तब नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर लोकतंत्र विरोधी तरीके अपनाने का आरोप लगाया था और अन्ना के आंदोलन का समर्थन किया था। अब सीजेपी ने पूछा कि क्या वही नरेंद्र मोदी आज अपने खिलाफ हो रहे आंदोलन पर अलग रवैया अपना रहे हैं। पार्टी ने सवाल किया कि सरकार आंदोलनकारियों की बात सुनने और जिम्मेदारी लेने से पीछे क्यों हट रही है।क्या ये वही मोदी जी है??
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 21, 2026
आज ये खुद जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे हैं 😳 pic.twitter.com/Vxfhabl3Ei