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'लंबित मामलों के बीच मुलाकात संभव नहीं': सीजेआई सूर्यकांत ने खरगे-राहुल को लिखा पत्र, कहा- दायर करें याचिका

Mon, 12 Oct 2026 02:56 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Mon, 12 Oct 2026 02:56 PM IST
सार

सीजेआई सूर्यकांत ने मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा कि लंबित मामलों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाना शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत का उल्लंघन होगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं को प्रशासनिक ज्ञापन के बजाय सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की सलाह दी।

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CJI Surya Kant writes to Kharge and Rahul, say Meeting not possible amidst pending cases file a petition
सीजेआई सूर्य कांत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सीजेआई सूर्य कांत ने 11 अक्तूबर को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने लिखा कि लंबित मामलों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाना शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत का पूरी तरह से उल्लंघन होगा।

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सीजेआई सूर्य कांत ने पत्र में क्या लिखा? 
सीजेआई सूर्य कांत ने रविवार को अपने पत्र में लिखा कि यह यह सिद्धांत भारत के संविधान के मूल ढांचे का एक अहम हिस्सा है। स्थापित नैतिक मूल्यों व न्यायिक मर्यादा के भी खिलाफ होगा। सीजेआई ने आगे लिखा, 'इसी संदर्भ में, मैं आपको यह भी याद दिलाना चाहता हूं कि हमारे संवैधानिक ढांचे के तहत, आपके पत्र में उठाए गए मुद्दों से निपटने के लिए भारत के सुप्रीम कोर्ट को कोई प्रशासनिक अधिकार नहीं दिए गए हैं।'
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उन्होंने आगे लिखा, 'हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए, और न्यायिक समीक्षा समेत अन्य शक्तियों के साथ, हम भारत के नागरिकों पर असर डालने वाले अहम मुद्दों पर न्यायिक पक्ष से विचार करने के लिए बाध्य हैं।'
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'सुप्रीम कोर्ट नागरिक के मौलिक अधिकारों का रक्षा करता है'
सीजेआई ने आगे लिखा, 'भारत का सुप्रीम कोर्ट भारत के हर नागरिक के मौलिक अधिकारों को बनाए रखने और उनकी रक्षा करने के अपने संकल्प को दोहराता है। नागरिकों को कानून में बताई गई प्रक्रिया के जरिए किसी भी समय इन अधिकारों को लागू करवाने की मांग करने का हक है। इसलिए, प्रशासनिक स्तर पर कोई ज्ञापन सौंपने के बजाय, भारत के सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक शक्तियों का इस्तेमाल करना आपके लिए ज्यादा सही रहेगा।'


'याचिका दायर करें होगी सुनवाई'
वहीं,  इसी तरह के मुद्दों से जुड़े कुछ मामलों की सुनवाई मंगलवार,को होनी है। अगर आपको सही लगे, तो आप सोमवार को अपनी याचिका या तो भारत के सुप्रीम कोर्ट में सुबह 10:30 बजे से शाम 04:30 बजे के बीच खुद जाकर जमा कर सकते हैं, या फिर ई-फाइलिंग विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे किसी भी दिन और किसी भी समय फाइलिंग की जा सकती है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ऐसी किसी भी याचिका पर कानून के मुताबिक जल्द से जल्द सुनवाई की जाएगी।

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