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चीफ जस्टिस ने दिया 'महाभारत' का उदाहरण: मध्यस्थता से काम लें, वर्षों तक कोर्ट के चक्कर में समय बर्बाद मत करें

Sat, 04 Dec 2021 02:00 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: मुकेश कुमार झा Updated Sat, 04 Dec 2021 02:00 PM IST
सार

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से कम समय में समाधान पाया जा सकता है। वर्षों तक अदालतों के चक्कर में समय बर्बाद करने से बचना चाहिए।

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CJI NV Ramana says try to resolve disputes through mediation before approaching the courts,provides an example of Mahabharata
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना - फोटो : ANI

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने शनिवार को हैदराबाद में कहा कि अंतिम समय में कोर्ट का सहारा लेना चाहिए। यहां के मध्यस्थता केंद्र के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि कोर्ट जाने से पहले मध्यस्थता के माध्यम से विवादों को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। 

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एनवी रमना ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से कम समय में समाधान पाया जा सकता है। वर्षों तक अदालतों के चक्कर में समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि संपत्ति का वितरण परिवार के सदस्यों द्वारा सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के जल्द से जल्द निपटाने की बात पर भी जोर दिया। 
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सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा, 'महाभारत में भी मध्यस्थता का उल्लेख किया गया था। हम मध्यस्थता के माध्यम से विवादों को समाप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत में भगवान कृष्ण ने पांडवों और कौरवों के बीच मध्यस्थता का प्रयास किया था। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जहां तक संभव हो, महिलाओं को विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र की स्थापना के लिए सही जगह है। 
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इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र के कुशल कामकाज को सुनिश्चित करने और नियमों का मसौदा तैयार करने के लिए दुनिया भर के बेस्ट प्रैक्टिस को ध्यान में रखा जा रहा है। वहीं, उन्होंने हैदराबाद मध्यस्थता केंद्र की तुलना सिंगापुर इंटरनेशनल सेंटर और लंदन इंटरनेशनल सेंटर जैसे मध्यस्थता संस्थानों के साथ की।

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