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बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने पर विचार के लिए राजी हुए मुख्य न्यायाधीश
Tue, 08 Jun 2021 08:13 PM IST
गौरव पाण्डेय
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 08 Jun 2021 08:13 PM IST
सार
मुख्य न्यायाधीश की ओर से हरी झंडी के बाद एससीबीए की कार्यकारी समिति ने एक 'सर्च कमेटी' का गठन किया है। यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले योग्य वकीलों की पहचान करेगी जिन्हें हाईकोर्ट का जज बनाने पर विचार किया जा सकता है। कमेटी के इस प्रस्ताव पर हाईकोर्ट कोलेजियम विचार कर सकती है।
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सर्च कमेटी का गठन हुआ है
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमण ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने पर विचार करने के अनुरोध पर हामी भर दी है। मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया है कि वे शीर्ष अदालत में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को जज बनाने पर विचार करें।
एससीबीए के अध्यक्ष वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने एसोसिएशन के सदस्यों को सूचित किया कि 31 मई को उन्होंने और कार्यकारी समिति ने सीजेआई को इसका प्रस्ताव दिया था। बार के सदस्यों ने यह भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बड़ी संख्या में महिला वकील प्रैक्टिस कर रही हैं, उनकी पदोन्नति (एलिवेशन) पर भी विचार किया जाना चाहिए।
इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से अपने सदस्यों को भेजे गए संवाद में कहा गया है, 'सीजेआई ने एससीबीए द्वारा किए गए अनुरोध पर सहमति व्यक्त की है और सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को अपने हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने पर विचार करें।'
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इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद एससीबीए की कार्यकारी समिति ने इसे लेकर एक 'सर्च कमेटी' का गठन किया है। इस कमेटी में उपाध्यक्ष और वरिष्ठ सदस्य महालक्ष्मी पवानी और बार के चार प्रतिष्ठित सदस्य राकेश द्विवेदी, शेखर नाफड़े, विजय हंसरिया और वी गिरी शामिल हैं। यह कमेटी योग्य वकीलों की पहचान करेगी।
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एससीबीए के अध्यक्ष वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने एसोसिएशन के सदस्यों को सूचित किया कि 31 मई को उन्होंने और कार्यकारी समिति ने सीजेआई को इसका प्रस्ताव दिया था। बार के सदस्यों ने यह भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बड़ी संख्या में महिला वकील प्रैक्टिस कर रही हैं, उनकी पदोन्नति (एलिवेशन) पर भी विचार किया जाना चाहिए।
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इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से अपने सदस्यों को भेजे गए संवाद में कहा गया है, 'सीजेआई ने एससीबीए द्वारा किए गए अनुरोध पर सहमति व्यक्त की है और सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को अपने हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने पर विचार करें।'
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इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद एससीबीए की कार्यकारी समिति ने इसे लेकर एक 'सर्च कमेटी' का गठन किया है। इस कमेटी में उपाध्यक्ष और वरिष्ठ सदस्य महालक्ष्मी पवानी और बार के चार प्रतिष्ठित सदस्य राकेश द्विवेदी, शेखर नाफड़े, विजय हंसरिया और वी गिरी शामिल हैं। यह कमेटी योग्य वकीलों की पहचान करेगी।