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FASTER: सीजेआई रमना ने लॉन्च किया फास्टर, अदालत के आदेशों को तेजी से पहुंचाएगा
Thu, 31 Mar 2022 04:33 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 31 Mar 2022 04:33 PM IST
सार
फास्टर (FASTER) जमानत आदेशों को तेजी पहुंचाएगा और प्रमाणीकरण के उद्देश्य से इसमें सुप्रीम कोर्ट अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे।
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सीजेआई एनवी रमना
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से अदालत के आदेशों को तेजी से और सुरक्षित रूप से आग बढ़ाने के लिए एक सॉफ्टवेयर लॉन्च किया है। यह एक ऐसा कदम है जो न्यायिक आदेशों के त्वरित संचार में मदद करेगा। फास्ट एंड सिक्योर्ड ट्रांसमिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स (फास्टर) सॉफ्टवेयर के ऑनलाइन लॉन्च के मौके पर सीजेआई रमना, जस्टिस एएम खानविलकर, डी वाई चंद्रचूड़ और हेमंत गुप्ता और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश मौजूद थे।
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सुरक्षित ईमेल आईडी स्थापित की गई
सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और अन्य उच्च न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों को तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के बिना सुरक्षित रूप से प्रसारित किया जाना है। हमने हाई कोर्ट स्तर पर 73 नोडल अधिकारियों और न्यायिक संचार नेटवर्क के माध्यम से चयनित जेल अधिकारियों को नामित किया है। इसके लिए एक सुरक्षित पाथवे ईमेल आईडी स्थापित की गई है।
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जमानत आदेशों को तेजी से पहुंचाएगा
उन्होंने कहा कि देश भर में जुड़े इन नोडल अधिकारियों के कुल 1,887 ईमेल आईडी हैं। फास्टर (FASTER) जमानत आदेशों को तेजी पहुंचाएगा और प्रमाणीकरण के उद्देश्य से इसमें सुप्रीम कोर्ट अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। संचार ईमेल आईडी धारकों तक ही सीमित है जो गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
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आरोपियों को जमानत देने के बाद भी न्यायिक आदेशों की गैर-प्राप्ति या गैर-सत्यापन जैसे आधारों पर उनकी रिहाई में देरी का सीजेआई रमना की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा स्वत: संज्ञान लेने के बाद फास्टर अस्तित्व में आया है।