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CJI: 'पिता ने रिटायरमेंट तक पुणे का फ्लैट बेचने से मना किया था', CJI ने विदाई समारोह में सुनाया भावुक किस्सा
Sun, 10 Nov 2024 12:21 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:21 PM IST
सार
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के पिता ने कहा कि 'मैं उसमें नहीं रह पाऊंगा और मुझे ये भी नहीं पता कि मैं कब तक तुम लोगों के साथ रहूंगा, लेकिन इस फ्लैट को तब तक अपने पास रखना, जब तक तुम बतौर जज सेवानिवृत्त न हो जाओ।'
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CJI चंद्रचूड़
- फोटो : ANI
विस्तार
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए गए विदाई समारोह में शिरकत की। इस दौरान सीजेआई ने अपने पिता से जुड़ा एक किस्सा सुनाया और बताया कि किस तरह से उनके पिता और देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाईवी चंद्रचूड़ ने उन्हें पुणे का एक फ्लैट रिटायरमेंट तक बेचने से मना किया था और इसकी वजह क्या थी।
सीजेआई ने सुनाया पुणे के फ्लैट वाला किस्सा
मुख्य न्यायाधीश ने विदाई समारोह के दौरान अपने संबोधन में उनके और उनके पिता के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि 'उन्होंने (पिता वाईवी चंद्रचूड़) पुणे में एक छोटा सा फ्लैट खरीदा था। मैंने उनसे पूछा कि आपने पुणे में फ्लैट क्यों लिया? जबकि आप इसमें रहेंगे भी नहीं। इस पर उन्होंने मुझे कहा कि मुझे पता है कि मैं उसमें नहीं रह पाऊंगा और मुझे ये भी नहीं पता कि मैं कब तक तुम लोगों के साथ रहूंगा, लेकिन इस फ्लैट को तब तक अपने पास रखना, जब तक तुम बतौर जज सेवानिवृत्त न हो जाओ।'
सीजेआई ने कहा कि इस पर मैंने अपने पिता से इसकी वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि 'अगर तुम्हें कभी लगे कि तुम्हारी नैतिक और बौद्धिक ईमानदारी से समझौता हो रहा है। तो मैं चाहता हूं कि तुम्हें ये पता रहे कि तुम्हारे सिर पर एक छत है। कभी भी बतौर वकील या न्यायाधीश इसलिए समझौता मत करना कि तुम्हे लगे कि तुम्हारे पास रहने के लिए अपनी कोई जगह नहीं है।'
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मां को भी किया याद
अपनी मां को याद करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 'बचपन में मैं बहुत बीमार रहता था तो मेरी मां मेरी देखभाल में पूरी-पूरी रात जागती थीं।' सीजेआई ने कहा कि मेरी मां ने मुझे बताया उन्होंने मेरा नाम धनंजय क्यों रखा। सीजेआई ने कहा कि 'मेरी मां ने मुझसे कहा था कि मैंने तुम्हारा नाम धनंजय इसलिए नहीं रखा है कि तुम धन का अर्जन करो। मैं चाहती हूं कि तुम धन की बजाय विद्या के धन का अर्जन करो।' उल्लेखनीय है कि सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की मां प्रभा चंद्रचूड़ ऑल इंडिया रेडियो की शास्त्रीय संगीतकार थीं। सीजेआई ने बताया कि 'अधिकतर मराठी महिलाओं की तरह मेरी मां का भी घर में प्रभुत्व था। घर से जुड़े अधिकतर फैसले वही करती थीं। इसी तरह ओडिशा में भी ऐसा ही है क्योंकि मेरे घर पर भी अधिकतर फैसले मेरी पत्नी कल्पना ही करती हैं।'
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि उनके पिता के कहने पर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान अपने पिता के कहने पर ही हिंदी विषय चुना था, लेकिन जब वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज बने तो उन्हें हिंदी की पढ़ाई का उस दौरान काफी फायदा मिला था। डीवाई चंद्रचूड आज मुख्य न्यायाधीश पद से रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने नवंबर 2022 को मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला था। अब उनकी जगह जस्टिस संजीव खन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे।
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सीजेआई ने सुनाया पुणे के फ्लैट वाला किस्सा
मुख्य न्यायाधीश ने विदाई समारोह के दौरान अपने संबोधन में उनके और उनके पिता के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि 'उन्होंने (पिता वाईवी चंद्रचूड़) पुणे में एक छोटा सा फ्लैट खरीदा था। मैंने उनसे पूछा कि आपने पुणे में फ्लैट क्यों लिया? जबकि आप इसमें रहेंगे भी नहीं। इस पर उन्होंने मुझे कहा कि मुझे पता है कि मैं उसमें नहीं रह पाऊंगा और मुझे ये भी नहीं पता कि मैं कब तक तुम लोगों के साथ रहूंगा, लेकिन इस फ्लैट को तब तक अपने पास रखना, जब तक तुम बतौर जज सेवानिवृत्त न हो जाओ।'
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सीजेआई ने कहा कि इस पर मैंने अपने पिता से इसकी वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि 'अगर तुम्हें कभी लगे कि तुम्हारी नैतिक और बौद्धिक ईमानदारी से समझौता हो रहा है। तो मैं चाहता हूं कि तुम्हें ये पता रहे कि तुम्हारे सिर पर एक छत है। कभी भी बतौर वकील या न्यायाधीश इसलिए समझौता मत करना कि तुम्हे लगे कि तुम्हारे पास रहने के लिए अपनी कोई जगह नहीं है।'
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मां को भी किया याद
अपनी मां को याद करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 'बचपन में मैं बहुत बीमार रहता था तो मेरी मां मेरी देखभाल में पूरी-पूरी रात जागती थीं।' सीजेआई ने कहा कि मेरी मां ने मुझे बताया उन्होंने मेरा नाम धनंजय क्यों रखा। सीजेआई ने कहा कि 'मेरी मां ने मुझसे कहा था कि मैंने तुम्हारा नाम धनंजय इसलिए नहीं रखा है कि तुम धन का अर्जन करो। मैं चाहती हूं कि तुम धन की बजाय विद्या के धन का अर्जन करो।' उल्लेखनीय है कि सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की मां प्रभा चंद्रचूड़ ऑल इंडिया रेडियो की शास्त्रीय संगीतकार थीं। सीजेआई ने बताया कि 'अधिकतर मराठी महिलाओं की तरह मेरी मां का भी घर में प्रभुत्व था। घर से जुड़े अधिकतर फैसले वही करती थीं। इसी तरह ओडिशा में भी ऐसा ही है क्योंकि मेरे घर पर भी अधिकतर फैसले मेरी पत्नी कल्पना ही करती हैं।'
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि उनके पिता के कहने पर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान अपने पिता के कहने पर ही हिंदी विषय चुना था, लेकिन जब वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज बने तो उन्हें हिंदी की पढ़ाई का उस दौरान काफी फायदा मिला था। डीवाई चंद्रचूड आज मुख्य न्यायाधीश पद से रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने नवंबर 2022 को मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला था। अब उनकी जगह जस्टिस संजीव खन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे।
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