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Maharashtra: 'खुद को तकनीकी विकास के साथ अपडेट रखें', लोक सेवकों से बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
Sat, 19 Oct 2024 09:55 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 19 Oct 2024 09:55 PM IST
सार
Maharashtra: अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोक सेवकों को नए विचारों (आइडिया) के लिए स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और युवाओं की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास के साथ जानकारी को संभालना आसान हो गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसेवकों से कहा कि उन्हें नवीनतम तकनीकी विकास की जानकारी रखनी चाहिए। इससे वे सरकारी कामकाज के मानकों को पूरा कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लोक सेवकों को हमेशा नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण पर फोकस करना चाहिए।
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यहां अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोक सेवकों को नए विचारों (आइडिया) के लिए स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और युवाओं की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास के साथ जानकारी को संभालना आसान हो गया है, जिससे नागरिकों को जानकारी देना और सरकारी गतिविधियों पर नजर रखना संभव हो गया है।
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प्रधानमंत्री ने कहा, लोक सेवकों को नवीनतम तकनीकी विकास क साथ अपडेट रहना चाहिए, ताकि वे सरकार के बढ़ते मानकों को पूरा कर सकें। मिशन कर्मयोगी इस दिशा में मददगार साबित हो सकता है। मिशन कर्मयोगी को सितंबर 2020 में शुरू किया गया था, जिसका मकसद लोक सेवकों की क्षमता का विकास करना है।
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उन्होंने नवाचार और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विभागों से फीडबैक तंत्र बनाने का भी आग्रह किया। मोदी ने कहा कि दुनिया एआई को एक अवसर के रूप में देख रही है। भारत के लिए यह एक चुनौती और अवसर दोनों प्रदान करता है।
उन्होंने एआई और आकांक्षी भारत के बीच संतुलन बनाने के महत्व पर जोर दिया और कहा कि अगर हम सफलतापूर्व एआई का उपयोग आकांक्षी भारत के विकास के लिए करते हैं, तो यह क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। उन्होंने लोक सेवकों के प्रशिक्षण संस्थानों में तालमेल की कमी की ओर भी इशारा किया और कहा कि हमने उनके बीच भागीदीरी और सहयोग को बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने संस्थानों से एक-दूसरे से सीखने और सर्वोत्तम वैश्विक प्रथाओं को अपनाने के लिए उचित संवाद चैनल स्थापित करने का भी आग्रह किया।
मोदी ने कहा, मिशन कर्मयोगी के जरिए हमारा लक्ष्य ऐसे मानव संसाधन का निर्माण करना है, जो हमारे देश के विकास का मूल आधार बनें। उन्होंने इस दिशा में किए गए प्रयासों पर संतोष जताया और कहा कि अगर हम इसी जुनून के साथ काम करते रहे, तो कोई भी देश की प्रगति को नहीं रोक सकता।