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नागरिकता कानून 2019: अब तक देश में क्या-क्या हुआ

Mon, 16 Dec 2019 02:11 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Mon, 16 Dec 2019 02:11 PM IST
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Citizenship cab amendment bill protest Timeline CAB citizenship in India
citizenship Law 2019 - फोटो : amar ujala

भारत के कई हिस्सों में नए नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। पूर्वोत्तर के राज्य असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के अलावा राजधानी दिल्ली की सड़कों पर भी इस कानून को लेकर विरोध और आगजनी देखने को मिल रही है। 

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12 दिसंबर गुरुवार को देर रात जारी अधिसूचना के मुताबिक यह कानून गजट प्रकाशन के साथ ही लागू हो गया। इसके साथ ही नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव भी हो गया है। इसके तहत 31 दिसंबर, 2014 तक धर्म के आधार पर प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को अवैध घुसपैठिया नहीं माना जाएगा, बल्कि उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

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जानिए भारत के नए नागरिकता कानून ने कैसे पूरा किया सफर

  • 19 जुलाई 2016: मोदी सरकार ने पहली बार नागरिकता कानून में संशोधन को लेकर एक विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया।
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  • 12 अगस्त 2016: विपक्ष के दबाव के कारण सरकार ने इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को सौंप दिया।
  • जनवरी 2019: संयुक्त संसदीय समिति ने नागरिकता कानून संशोधन विधेयक पर अपनी रिपोर्ट पेश की।


16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के कारण यह विधेयक स्वत निष्क्रिय हो गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के फिर एक बार सत्ता में आने के बाद नागरिकता विधेयक को पेश करने को लेकर तैयारियां की। 

  • नौ दिसंबर 2019: नया नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। जहां विपक्ष के भारी हंगामें के बावजूद देर रात तक चली कार्यवाही के बाद यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। विधेयक के पक्ष में 311 तो इसके विपक्ष में 80 मत पड़े।
  • 11 दिसंबर 2019: लोकसभा से पारित होने के बाद इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया। वहां भी विपक्षी दलों ने खूब विरोध किया लेकिन वोटिंग के बाद यह विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो गया। विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े।
  • 12 दिसंबर 2019: लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर किया। जिसके बाद यह विधेयक कानून बन गया।
  • 12 दिसंबर 2019: पूर्वोत्तर के कई राज्यों में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसा भड़की। गुवाहाटी और शिलांग में तोड़फोड़ और धरना प्रदर्शन का दौर जारी।
  • 13 दिसंबर 2019: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून को असंविधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इसे पंजाब में लागू नहीं किया जाएगा।  
  • 13 दिसंबर 2019: नागरिकता कानून के विरोध के कारण गुवाहाटी में भारत-जापान शिखर बैठक टाली गई। जापानी प्रधानमंत्री शिजो आबे ने अपनी भारत यात्रा रद्द की। अमित शाह ने शिलांग दौरा रद्द किया।
  • 13 दिसंबर 2019: नागरिकता बिल पर पूर्वोत्तर में बवाल जारी। असम-त्रिपुरा के बाद मेघालय में भी इंटरनेट बंद। पुलिस फायरिंग में दो की मौत। टीएमसी, कांग्रेस और पीस पार्टी ने नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका।
  • 13 दिसंबर 2019: नागरिकता कानून को लेकर यूपी में भी तनाव, अलीगढ़ में जिला प्रशासन ने प्रदर्शन पर लगाई रोक। दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी किया विरोध प्रदर्शन।
  • 14 दिसंबर 2019: बांग्लादेश के विदेशमंत्री ने भारत की यात्रा टाली। अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के आरोप पर जताई नाराजगी।
  • 15 दिसंबर 2019: जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन जारी, सभी परीक्षाएं स्थगित,  यूनिवर्सिटी में छुट्टियों का एलान।
  • 16 दिसंबर 2019: जामिया छात्रों का हिंसक विरोध प्रदर्शन, बसों में लगाई आग, पुलिस ने लाठीचार्ज और आसूंगैस के गोले दागे।
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