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नागरिकता बिल : असम में भाजपा नेताओं को गौहाटी विश्वविद्यालय में घुसने पर पाबंदी
Mon, 14 Jan 2019 08:57 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 14 Jan 2019 08:57 PM IST
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असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में आंदोलन कर रहे गौहाटी विश्वविद्यालय छात्र संघ ने भाजपा विधायकों व नेताओं के विश्वविद्यालय परिसर में घुसने पर पाबंदी लगा दी है। छात्र संघ ने कहा है कि उक्त विधेयक को वापस नहीं लेने तक यह पाबंदी जारी रहेगी।
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असम में उक्त विधेयक के खिलाफ आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है। उक्त विधेयक लोकसभा में आठ जनवरी को ही पारित हो गया था। लेकिन अब तक इस विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी नहीं मिली है। इस विधेयक के विरोध में राज्य के लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
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विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बीती सात जनवरी को इसके खिलाफ दिल्ली में संसद के समक्ष निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन किया था। असम आंदोलन के शहीदों के परिवारों ने सम्मान के तौर पर वर्ष 2016 में असम सरकार की ओर से मिले अवार्ड को इसके विरोध में वापस करने का फैसला किया है।
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सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए भाजपा नेता निलंबित
असम भाजपा ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ जारी आंदोलन पर सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदीप कुमार दत्त को निलंबित कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने यहां पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करने और उसके सिद्धांतों के खिलाफ बयान देने के आरोप में दत्त को निलंबित कर दिया है।
ध्यान रहे कि बीते सप्ताह सिलचर स्थित असम विश्वविद्यालय के छात्रों को अलग-अलग गुटों ने उक्त विधेयक के विरोध व समर्थन में प्रदर्शन किया था। उसी दिन दत्त ने कहा था कि वे कुलपति को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहेंगे। ऐसा नहीं हुआ तो असमिया छात्रों को उक्त विश्वविद्यालय में पढ़ने नहीं दिया जाएगा। उनके बयान पर अखिल असम छात्र संघ (आसू) समेत तमाम छात्र संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर दत्त ने बाद में अपनी टिप्पणी वापस ले ली थी।