फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Citizenship Amendment Act : After Jharkhand election result questions raised inside outside in BJP

CAA : झारखंड के नतीजों के बाद भाजपा के अंदर उठे सवाल, पाक हिंदू बोले- कृपया हमारा दर्द समझें

Wed, 25 Dec 2019 03:40 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Wed, 25 Dec 2019 03:40 AM IST
सार

  • प. बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते ने किया सीएए का तीखा विरोध 
  • आलोचना करने वाले नेता जी के पोते चंद्र कुमार बंगाल में हैं भाजपा के उपाध्यक्ष 
  • जदयू ने भाजपा को दी अटल से गठबंधन धर्म सीखने की नसीहत
  • नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन

विज्ञापन
Citizenship Amendment Act : After Jharkhand election result questions raised inside outside in BJP
protest against caa - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) केखिलाफ भाजपा के अंदर से आवाज उठनी शुरू हुई है, वहीं सहयोगी दलों ने भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने सीएए की खुली आलोचना की है। इस बीच भाजपा की प्रमुख सहयोगी जदयू ने पार्टी को गठबंधन धर्म सीखने की नसीहत दी है।

विज्ञापन


सीएए पर भाजपा के आक्रामक रुख के बीच इसकेविरोध में पार्टी के अंदर पहली आवाज उस पश्चिम बंगाल से उठी है, जहां पार्टी इसे विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। सीएए की आलोचना करते हुए चद्रकुमार बोस कानून में मुसलमानों को शामिल करने की मांग की।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अगर नागरिकता संशोधन कानून किसी धर्म से जुड़ा नहीं है तो इसमें केवल हिंदू, सिख, बुद्ध, ईसाई, पारसी और जैन ही क्यों शामिल हैं। उनकी तरह मुस्लिमों को भी इसमें शामिल क्यों नहीं किया गया। चंद्र बोस ने कहा कि यदि मुसलमानों को उनके गृह देश में सताया नहीं जा रहा है तो वे नहीं आएंगे, इसलिए उन्हें शामिल करने में कोई बुराई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, यह पूरी तरह से सच नहीं है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में रहने वाले बलूच के बारे में क्या कहना है? पाकिस्तान में अहमदिया के बारे में क्या कहना है? उन्होंने कहा कि भारत की किसी से अन्य देश से बराबरी या तुलना मत कीजिए, क्योंकि यह सभी धर्मों और समुदायों के खुला हुआ देश है। 

जदयू ने दी अटल से गठबंधन धर्म सीखने की नसीहत
इस बीच सीएए-एनआरसी पर राजग की बैठक की मांग करने वाली जदयू ने भाजपा को दिवंगत पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से गठबंधन धर्म सीखने की नसीहत दी है। पार्टी के महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि कल (बुधवार को) अटलजी का जन्म दिन है।

उनसे गठबंध धर्म सीखना चाहिए। झारखंड के नतीजे ने बताया दिया है कि राजनीति में कोई बड़ा भाई छोटा भाई नहीं होता। सीएए मामले में ही लोजपा ने भी सरकार पर देश में सही संदेश पहुंचाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया था।

पहले भी उठी थी आवाज
भाजपा के जब महाराष्ट्र की सत्ता गंवानी पड़ी थी तब भी लोजपा ने राजग की वर्तमान कार्यप्रणाली पर सार्वजनिक तौर पर असंतोष जताया था। उन्होंने राजग की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की मांग की थी। पार्टी के लिए मुश्किल यह है कि राजग में शामिल और राजग के बाहर के जिन दलों ने सीएए का समर्थन किया था, अब देशव्यापी प्रदर्शन के बाद यू टर्न ले रहे हैं। बिहार, ओडिशा और आंध्रप्रदेश के सीएम ने अपने राज्यों में एनआरसी लागू नहीं करने की घोषणा की है।

कोलकाता : विरोध के चलते जाधवपुर विवि से बैरंग लौटे राज्यपाल धनखड़

प. बंगाल के जाधवपुर विश्वविद्यालय में मंगलवार को भी राज्यपाल जगदीप धनखड़ को छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे छात्रों ने राज्यपाल को काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। छात्रों ने उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके चलते राज्यपाल को वापस लौटना पड़ा। 

राज्यपाल को विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था। राज्यपाल जैसे ही विवि के गेट पर पहुंचे छात्रों ने ‘भाजपा कार्यकर्ता जगदीप धनखड़ वापस जाओ’ की नारेबाजी की। छात्रों ने ‘नो एनआरसी, नो सीएए’ लिखे पर्चे लिए थे। सोमवार को भी राज्यपाल को यहां विरोध का सामना करना पड़ा था। तब वह छात्रों के उग्र रवैये के कारण कार से उतर नहीं सके थे।

धनखड़ ने ट्विटर पर जताई नाराजगी
इस घटनक्रम से नाराज धनखड़ ने ट्वीट किया, करीब 50 लोगों ने मेरा रास्ता रोका। समूची प्रणाली को बंधक बना दिया गया है। यह बेहद चिंतनीय है। कानून का शासन कहीं नहीं दिखता। कुलपति सुरजंन दास इस घटनाक्रम पर मूक दर्शक बने रहे।

एनआरसी : ममता ने पूछा मोदी और शाह में सच कौन बोल रहा

प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एनआरसी के बहाने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। एनआरसी पर दोनों के विरोधाभासी बयानों का जिक्र करते हुए ममता ने कहा, इनमें से कौन सच बोल रहा है।

नर्जी ने नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए कहा, झारखंड में लोगों ने भाजपा के घमंड का करारा जवाब दिया है। एनआरसी पर पीएम कह रहे हैं कि न कोई चर्चा है और न कोई प्रस्ताव है। वहीं, शाह ने कहा कि देशभर में एनआरसी लागू होगा। बनर्जी ने कहा, भाजपा भारत को विभाजित करने की कोशिश कर रही है। 

केरल, गुजरात में भाजपा का अभियान
भाजपा ने मंगलवार को केरल में नागरिकता कानून के समर्थन में जनजागरण कार्यक्रम किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता राजशेखरन ने बताया कि पार्टी सीएए पर समर्थन के लिए गोष्ठियों, मंचों पर विचार विमर्श और एक ता मार्च निकालेगी और विपक्ष के इस मामले में झूठ को बेनकाब करेगी।

वहीं, एयरपोर्ट पर कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा को कानून का विरोध कर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। गुजरात में भी भाजपा ने राज्य के 33 जिलों में इस कानून के समर्थन में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

महाराष्ट्र में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं, मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं : ठाकरे 

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने मस्लिम समुदाय को भरोसा दिलाया है कि राज्य में एनआरसी के तहत हिरासत केंद्र बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है और राज्य सांप्रदायिक आधार पर किसी के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होने देगा।

प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी को कहा शुक्रिया
जदयू नेता प्रशांत किशोर ने एनआरसी का विरोध करने पर कांग्रेस को धन्यवाद दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के लिए शुक्रिया राहुल गांधी। आप जानते हैं कि जन आंदोलन के आलावा ऐसे राज्यों की जरूरत है, जो एनआरसी को ‘न’ कह सकें। उम्मीद है कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वे आधिकारिक तौर पर एनआरसी लागू नहीं करने का एलान करेंगे।

चेन्नई में स्टालिन सहित आठ हजार पर मुकदमा

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सोमवार को नागरिकता कानून के विरोध में रैली करने वाले 8 हजार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इनमें डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन का नाम भी है। ये लोग पुलिस की इजाजत के बिना इस कानून के विरोध में रैली निकाल रहे थे।

सैफ ने भी जताई चिंता
अभिनेता सैफ अली खान ने कहा, देशभर में सीएए को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों से बतौर नागरिक वह चिंतित हैं। खान ने कहा कि कई चीजें सोचने का कारण होती हैं। 

मंगलुरू में पथराव का वीडियो जारी

मंगलूरू में प्रदर्शन के  दौरान पथराव का वीडियो पुलिस ने जारी किया है। यहां पुलिस फायरिंग में दो लोग मारे गए थे। वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शनकारी एक ऑटो में पत्थर लेकर आ रहे हैं। इन्हें पुलिस पर फेंका गया। कई सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा गया।

कृपया हमारा दर्द समझें : पाक हिंदू
राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में रहने वाले पाकिस्तानी हिंदुओं ने अपील की है कि लोग उनका दर्द समझें और नागरिकता कानून का विरोध नहीं करें। 40 वर्षीय मीरा दास ने कहा, हम अपना घर छोड़कर यहां आए। सब कुछ पाकिस्तान में रह गया।

यही जगह हमारा घर है और अगर आप हमें नहीं स्वीकारेंगे तो हम कहां जाएंगे। हमारी तकलीफ समझने की कोशिश कीजिए। मीरा ने अपनी पोती का नाम नागरिकता रखा है। एक और शरणार्थी सोना दास ने कहा कि क्या आप हमारी तकलीफों को जानते हैं, उसे लेकर तो आपने कभी विरोध नहीं किया। इस कानून से हमें नई जिंदगी मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed