कैसे जीतेंगे कोरोना से जंग: वैक्सीनेशन की यही रफ्तार रही तो पूरे देश का टीकाकरण होने में लग जाएंगे कई साल
अभी तक देश में 18 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक अभी तक महज तीन फीसदी आबादी ही पूरी तरीके से टीकायुक्त हो सकी है। ऐसे में जिस तरीके की सरकारी व्यवस्थाएं हैं अगर उनके माध्यम से ही टीकाकरण का रजिस्ट्रेशन होता रहा तो अगले कई वर्षों में पूरे देश का टीकाकरण हो सकेगा...
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सरकार के टीकाकरण अभियान की जो रफ्तार है अगर इसी तरह से टीके लगे तो देश में पूरी तरह से टीकाकरण होने में कई बरस लग जाएंगे। क्योंकि जिम्मेदारों ने जो व्यवस्था टीकाकरण के लिए की है उसमें इतनी तकनीकी खामियां हैं कि लोगों को टीकाकरण के लिए न तो स्लॉट मिल पा रहा है और न ही टीकाकरण हो पा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की मानें तो कोविन पोर्टल स्लॉट की जो व्यवस्था की गई है वह पर्याप्त है। हालांकि केंद्र सरकार जल्द ही इस व्यवस्था में और सुधार के साथ अन्य माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन की तैयारियां की जा रहीं हैं।
नहीं मिल रहा स्लॉट
नोएडा के सचिन खुराना पिछले 15 दिनों से टीकाकरण के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कोविन पोर्टल पर जाते हैं। लेकिन सचिन को आज तक स्लॉट ही नहीं मिल पाया कि उनको कब और कहां पर टीका लगाया जाना है। सचिन ने इस बाबत जिम्मेदार अधिकारियों को ईमेल से लेकर टेलीफोन के माध्यम से संपर्क भी किया बावजूद इसके आज तक उन्हें कोई भी स्लॉट नहीं मिल सका। नोएडा के सचिन की तरह ही चंडीगढ़ के रहने वाले हैं नीरज शर्मा भी आज तक अपने टीकाकरण की तारीख और स्थान नहीं जान सके हैं। नीरज ने बताया कि उनके भाई कपिल का चार दिन पहले शहर के रामदरबार इलाके में स्लॉट मिला। कपिल जब वहां पर अपना टीका लगवाने पहुंचे तो पता चला कि वैक्सीन की उपलब्धता ही नहीं है। ऐसी तकनीकी खामियां देश के अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग जिलों से लगातार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को मिल रही हैं।
टेक्निकल टीम के पास समाधान नहीं
जब से केंद्र ने 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण की व्यवस्था की है उसके बाद से कोविन पोर्टल पर लगातार शिकायतें आ रही हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में कोविन पोर्टल पर नजर रखने के लिए बनी टेक्निकल टीम के पास लगातार शिकायतें आ रही है कि पोर्टल पर स्लॉट की बुकिंग नहीं हो पा रही है। इस टीम से जुड़े एक तकनीकी विशेषज्ञ ने बताया कि अभी जो स्लॉट मिलने की व्यवस्था है वह वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार ही की जा रही है। ऐसे में प्रत्येक राज्य के प्रत्येक जिले में जैसे ही स्लॉट की ओपनिंग होती है वह चंद मिनट में भर जाती है। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी इसे कोई तकनीकी खामी नहीं मानते हैं। उनका कहना है जितनी वैक्सीन उपलब्ध होगी उतनी ही बुकिंग भी हो पाएगी।
कोविन पोर्टल पर टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के दौरान तमाम तरह की समस्याएं यहां सामने आ रही हैं। लोगों की शिकायत है कि जैसे ही कोविन पोर्टल पर स्लॉट के लिए आप आवेदन करने जाते हैं वैसे ही वहां पर कोई भी स्लॉट उपलब्ध नहीं होता है। इसके अलावा अगले चार से पांच दिनों की उपलब्धता भी नहीं पता चलती है। ज्यादातर लोगों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी गई अपनी शिकायतों मे कहा है कि स्लॉट ओपन होने के साथ ही तुरंत भर जाते हैं। ऐसे में लोगों को टीकाकरण की तारीख और स्थान मिल ही नहीं पा रहा है। इसके अलावा लोगों को जो स्लॉट कभी-कभार मिलते भी हैं तो उनके घर से कई किलोमीटर दूर होते हैं। ऐसे में अगर कोई वहां जाता भी है तो वहां पर टीके उपलब्ध नहीं होते हैं।
18 करोड़ लोगों को लगा टीका
अभी तक देश में 18 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक अभी तक महज तीन फीसदी आबादी ही पूरी तरीके से टीकायुक्त हो सकी है। ऐसे में जिस तरीके की सरकारी व्यवस्थाएं हैं अगर उनके माध्यम से ही टीकाकरण का रजिस्ट्रेशन होता रहा तो अगले कई वर्षों में पूरे देश का टीकाकरण हो सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक टीकाकरण की गति और टीकाकरण के लिए बुक किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार अपडेट किया जाता रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कोविन पोर्टल पर नजर रखने के लिए तैयार की गई टीम लगातार जिम्मेदार अधिकारियों को फीडबैक देती रहती है। अधिकारियों का मानना है कि जो समस्या लोगों के सामने आ रही है वह निश्चित तौर पर एक बड़ी खामी है। इन लोगों का मानना है अगर इसी व्यवस्था से टीकाकरण होता रहा तो निश्चित तौर पर पूरे देश में होने वाले टीकाकरण में काफी लंबा वक्त लग जाएगा। ऐसे में लोगों में बनने वाली एंटीबॉडी और वायरस के म्यूटेशन का असर भी देखने को मिल सकता है।
जल्द शुरू हो सकते हैं अन्य विकल्प
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस वक्त कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतु के माध्यम से लोगों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है और उन्हें टीकाकरण की जगह और तिथि अलॉट की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस व्यवस्था में और सुधार किए जाने की संभावना है। हालांकि इस पर कोई भी अधिकारी ज्यादा खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस वक्त जिन दो माध्यम से रजिस्ट्रेशन हो रहा है उन माध्यमों को बढ़ाने का विचार किया जा रहा है। यानी कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतु एप के अलावा कुछ और नई व्यवस्था शुरू की जा सकती हैं, ताकि लोग वहां जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें और जल्द से जल्द टीकाकरण की तिथि और उनके सेंटर के बारे में पता चल सके।
इतना पीछे हैं हम
पूरी दुनिया में चल रहे हैं टीकाकरण में भारत अभी बहुत पीछे है। अगर दुनियाभर में हुए टीकाकरण के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि अमेरिका की 37 फीसदी से ज्यादा आबादी पूरी तरीके से टीकायुक्त हो चुकी है। जबकि यूके की तीस फीसदी से ज्यादा आबादी पूरी तरीके से वैक्सीनेट हो चुकी है। हमारे देश में अब तक तीन फीसदी आबादी ही पूरी तरीके से टीकायुक्त हो सकी है। विशेषज्ञों का कहना है जिस गति से अपने देश में टीकाकरण हो रहा है वह गति बहुत धीमी है। अगर हमें कोरोना से लड़ना है तो टीकाकरण की गति को बहुत ज्यादा बढ़ाना होगा