{"_id":"6a2c41e25e8e0b7b4c0a1f61","slug":"cid-serves-notice-on-abhishek-banerjee-in-poll-speech-case-asks-him-to-appear-on-june-16-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल: अभिषेक बनर्जी को सीआईडी का एक और नोटिस, भड़काऊ बयान मामले में 16 जून को पेश होने का आदेश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल: अभिषेक बनर्जी को सीआईडी का एक और नोटिस, भड़काऊ बयान मामले में 16 जून को पेश होने का आदेश
Fri, 12 Jun 2026 10:59 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:59 PM IST
सार
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नहीं ले रही हैं। पश्चिम बंगाल सीआईडी ने चुनाव के दौरान कथित भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें नोटिस जारी किया और 16 जून को पेश होने को कहा है। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
अभिषेक बनर्जी, टीएमसी महासचिव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को एक नोटिस दिया है। यह चुनाव के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ बयान से जुड़ा मामला है। सीआईडी ने उन्हें 16 जून को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा है। अधिकारी उनके घर पहुंचे और करीब दो घंटे तक वहीं रहे, ताकि नोटिस सीधे उन्हें दिया जा सके। लेकिन वह उस समय घर पर नहीं मिले।
सीआईडी की टीम जब उनके घर पहुंची तो वह वहां मौजूद नहीं थे। परिवार और उनके कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि वह पास में ही पार्टी की सुप्रीमो ममता बनर्जी के आवास पर एक बैठक में गए हुए हैं। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब वह नहीं मिले, तो नोटिस उनके कार्यालय के एक कर्मचारी को दे दिया गया।
ये भी पढ़ें: प. बंगाल: 'कल्याण बनर्जी बड़े हैं, उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा', TMC में बगावत के बाद अभिषेक बनर्जी का बयान
विज्ञापन
पुलिस ने क्या कहा?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के तहत यह नोटिस ठीक तरीके से दिया गया है। उन्हें 16 जून को जांच टीम के सामने आना होगा। यह मामला एक शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें कहा गया था कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके बयान से विवाद पैदा हुआ।शिकायत पहले बागुईआटी थाने में दर्ज की गई थी। बाद में इसकी जांच साइबर अपराध थाने ने की। फिर मामले को सीआईडी को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच पूरी तरह नियमों के अनुसार चल रही है। इसी मामले में नोटिस देने के लिए टीम उनके घर गई थी।
दूसरे मामले में छह घंटे तक हुई पूछताछ
यह घटना उस समय की है, जब एक दिन पहले ही अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी मुख्यालय में लगभग छह घंटे तक एक अलग मामले में पूछताछ का सामना किया था। यह मामला कथित हस्ताक्षर फर्जीवाड़े से जुड़ा है, जो राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष की नियुक्ति से संबंधित बताया जाता है।
सीआईडी के अनुसार, इस दूसरे मामले में भी उन्हें 14 जून को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुए थे। उस समय भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की थी। जबकि तृणमूल कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही सरकार को हार का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
सीआईडी की टीम जब उनके घर पहुंची तो वह वहां मौजूद नहीं थे। परिवार और उनके कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि वह पास में ही पार्टी की सुप्रीमो ममता बनर्जी के आवास पर एक बैठक में गए हुए हैं। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब वह नहीं मिले, तो नोटिस उनके कार्यालय के एक कर्मचारी को दे दिया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: प. बंगाल: 'कल्याण बनर्जी बड़े हैं, उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा', TMC में बगावत के बाद अभिषेक बनर्जी का बयान
विज्ञापन
पुलिस ने क्या कहा?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के तहत यह नोटिस ठीक तरीके से दिया गया है। उन्हें 16 जून को जांच टीम के सामने आना होगा। यह मामला एक शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें कहा गया था कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके बयान से विवाद पैदा हुआ।शिकायत पहले बागुईआटी थाने में दर्ज की गई थी। बाद में इसकी जांच साइबर अपराध थाने ने की। फिर मामले को सीआईडी को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच पूरी तरह नियमों के अनुसार चल रही है। इसी मामले में नोटिस देने के लिए टीम उनके घर गई थी।
दूसरे मामले में छह घंटे तक हुई पूछताछ
यह घटना उस समय की है, जब एक दिन पहले ही अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी मुख्यालय में लगभग छह घंटे तक एक अलग मामले में पूछताछ का सामना किया था। यह मामला कथित हस्ताक्षर फर्जीवाड़े से जुड़ा है, जो राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष की नियुक्ति से संबंधित बताया जाता है।
सीआईडी के अनुसार, इस दूसरे मामले में भी उन्हें 14 जून को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुए थे। उस समय भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की थी। जबकि तृणमूल कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही सरकार को हार का सामना करना पड़ा था।