फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   cic demands details of national anthem songs details from pmo

सीआईसी ने PMO से मांगा राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़ा ब्योरा

Sun, 05 Feb 2017 07:50 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली 
एजेंसी/ नई दिल्ली  Updated Sun, 05 Feb 2017 07:50 PM IST
विज्ञापन
cic demands details of national anthem songs details from pmo

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के बारे में ऐतिहासिक तथ्यों का पता लगाने के लिए ‘नए सिरे से कोशिशें करने’ का निर्देश दिया है। आयोग ने पीएमओ के इससे संबंधित एक आरटीआई आवेदन का जवाब देने से इनकार करने के बाद यह निर्देश दिए। पीएमओ ने दावा किया था कि सूचना का उससे लेना देना नहीं है।

विज्ञापन


हरिंदर ढींगरा नामक आवेदक ने पीएमओ से यह ‘प्रमाणित करने’ की मांग की थी कि ‘क्या ‘जन गण मन’ राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत हैं।’ साथ ही उन्होंने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कविता को राष्ट्रगान घोषित करने से संबंधित फाइल नोटिंग पूरी करने की मांग की थी। लेकिन पीएमओ ने कहा था कि मांगी गई सूचना का ‘इस सार्वजनिक प्राधिकरण से लेना देना नहीं है।’ 

विज्ञापन

सरकार के पास राष्ट्रगान से जुड़ा कोई रिकॉर्ड हैं भी या नहीं

cic demands details of national anthem songs details from pmo

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यूलू ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि इन राष्ट्रीय पहलुओं पर सभी उच्च कार्यालयों के केंद्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारियों (सीपीआईओ) ने ‘दिमाग लगाए बिना’ सीधा इसे दूसरों के पास भेज दिया।

उन्होंने कहा कि इस चुप्पी से संदेह उठते हैं कि केंद्र सरकार के पास जन गण मन और वंदे मातरम को लेकर कोई रिकॉर्ड हैं भी या नहीं। सूचना आयुक्त ने उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रगान के प्रति लोगों में सम्मान की भावना भरने के लिए केंद्र सरकार को जन गण मन को राष्ट्रगान घोषित करने के ऐतिहासिक महत्व एवं प्रमुख कारणों को लेकर लोगों को शिक्षित करने की हरसंभव कोशिश करनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि लोगों को राष्ट्रगान का सम्मान न करने या उसके सम्मान में खड़े न होने के लिए दंडित करने से पहले उन्हें इसकी महानता से वाकिफ कराना चाहिए। सूचना आयुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया पर अविश्वसनीय बयानों के दुष्प्रचार से पैदा हुए भ्रम को देखते हुए देश को राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के बारे में व्यापक विश्वसनीय सूचना देने की जरूरत है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed