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सीआईसी ने पूछा- भाजपा संसदीय दल आरटीआई के दायरे में क्यों नहीं आ सकता

Fri, 18 Aug 2017 10:14 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Fri, 18 Aug 2017 10:14 PM IST
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CIC asks BJP Parliamentary Party why it can not come under RTI ACT
rti - फोटो : सोशल मीड‌िया

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भाजपा संसदीय दल से पूछा है कि वह आरटीआई कानून के दायरे में क्यों नहीं आ सकता? आयोग ने लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक, सदन के नेता, उपनेता या किसी भी अधिकृत प्रतिनिधि को 7 सितंबर को दोपहर 2 बजे जब इस पर जवाब देने को कहा है।

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हाल ही में बिहार के विष्णुदेव भंडारी द्वारा दाखिल एक आरटीआई के बाद केंद्रीय सूचना आयोग ने यह जवाब मांगा है। भंडारी ने आरटीआई के जरिये जानना चाहा कि सांसद निधि स्थानीय विकास के तहत योजनाओं का चयन किस आधार पर किया जाता है। साथ ही उन्होंने मधुबनी से भाजपा सांसद हुकुमदेव नारायण यादव के संसदीय क्षेत्र के विकास की भी जानकारी मांगी है। 
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सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु ने भाजपा को संबोधित करते हुए भाजपा संसदीय दल के सचिव से जानकारी मांगी है। अपने आदेश में आयुक्त ने कहा है कि यह प्रश्न सभी सियासी दलों के लिए है। आदेश के मुताबिक सभी विधानमंडल दल और संसदीय दल को सैद्धांतिक रूप से सार्वजनिक संस्था माना जाएगा।

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