फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Christian community overwhelmed by articles printed on Confessions in Kerala official magazine

केरल की सरकारी मैगजीन में ‘कन्फेशन’ पर छपे लेख से ईसाई समुदाय खफा, अल्पसंख्यक आयोग ने मांगी रिपोर्ट

Thu, 15 Nov 2018 08:25 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Thu, 15 Nov 2018 08:25 PM IST
विज्ञापन
Christian community overwhelmed by articles printed on Confessions in Kerala official magazine
सांकेतिक चित्र
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले एक लेख को लेकर केरल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। यह लेख केरल की सरकारी मैगजीन में छपा था। जिस पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कूरियन ने बताया कि केरल सरकार के संस्थान केरल भाषा इंस्टीट्यूट की तरफ से मलयालम भाषा में छपने वाली मासिक मैगजीन ‘विंजना कैराली’ में ‘लाजिकापेद्दन’ यानी ‘शर्मिंदा होना’ शीर्षक से एक लेख छपा था। यह लेख अगस्त माह में छापा गया था, लेकिन अक्टूबर में इसे फिर से प्रकाशित किया गया। उन्होंने बताया कि इस लेख में ईसाई समुदाय के प्रति बेहद अशोभनीय बातें लिखी गई थीं।
विज्ञापन


कूरियन के मुताबिक केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल ने इस लेख पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे ईसाई समुदाय की भावना को ठेस पहुंचने वाला बताया। जिसके बाद काउंसिल की तरफ से सोसा पाकम ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। पाकम ने अपनी शिकायत में लिखा कि ईसाई समुदाय में ‘कन्फेशन’ को पवित्र माना जाता है और इस लेख में समुदाय के प्रति अपमान और निंदात्मक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उनकी शिकायत के मुताबिक राज्य सरकार के संस्थान इस तरह का प्रोपेगंडा फैला कर समाज में किसी धर्म के प्रति नफरत का वातावरण बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोग के उपाध्यक्ष कूरियन ने बताया कि आयोग ने उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 13 नवंबर को आदेश जारी कर केरल राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से एक हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है।


इससे पहले जुलाई में भी आयोग ने एक ऐसे ही मामले में कड़ा रुख अपनाया था, जब राष्ट्रीय महिला आयोग ने ईसाई पादरियों पर ‘कन्फेशन’ की आड़ में महिलाओं को ब्लैकमेल करने और उनका यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस परंपरा पर बैन लगाने की सिफारिश की थी। जिसके बाद उपाध्यक्ष जॉर्ज कूरियन ने सिफारिश का कड़ा विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी और ग़हमंत्री को पत्र भी लिखा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed