{"_id":"6a445534566e912d1d0548db","slug":"chip-manufacturing-in-the-country-will-gain-momentum-semiconductor-mission-2-approved-for-rs-1-25-lakh-crore-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र सरकार की पहल: देश में चिप निर्माण को मिलेगी रफ्तार, सेमीकंडक्टर मिशन-2 को 1.25 लाख करोड़ की मंजूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केंद्र सरकार की पहल: देश में चिप निर्माण को मिलेगी रफ्तार, सेमीकंडक्टर मिशन-2 को 1.25 लाख करोड़ की मंजूरी
Wed, 01 Jul 2026 05:16 AM IST
अमन तिवारी
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:16 AM IST
सार
भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने के लक्ष्य के तहत भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को ईएफसी ने मंजूरी दे दी है। मिशन का उद्देश्य चिप निर्माण, स्वदेशी तकनीक, डिजाइन और मजबूत सप्लाई चेन को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन
अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वैश्विक सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण में देश को प्रमुख केंद्र बनाने की पहल के तहत भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा। यह राशि पहले चरण के 76 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है।
केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की थी। इसका मकसद देश में चिप निर्माण का पूरा तंत्र विकसित करना है। इसके तहत सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्चा माल, स्वदेशी तकनीक, बौद्धिक संपदा, चिप डिजाइन और मजबूत आपूर्ति शृंखला विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही कह चुके हैं कि मिशन 2.0 में स्वदेशी चिप डिजाइन, चिप आधारित उत्पादों के विकास, साझेदारों को जोड़ने व कुशल मानव संसाधन तैयार करने को प्राथमिकता दी जाएगी।
भारत अब मजबूत भागीदार बनकर उभर रहा: अधिकारियों ने बताया कि मंजूर 12 परियोजनाओं में से दो का उद्घाटन हो चुका है, जबकि सीजी सेमी का उद्घाटन चार जुलाई को होना है। वर्ष के अंत तक एक-दो और इकाइयां शुरू हो जाएंगी। भारत अब प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मजबूत भागीदार बनकर उभर रहा है।
विज्ञापन
सेमीकंडक्टर निर्माण की 12 परियोजनाएं मंजूर
सरकार के अनुसार, भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अब तक 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
इनमें एक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाई, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाइयां और नौ चिप पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं।
वहीं, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत 24 परियोजनाओं को मदद दी जा रही है। 105 कंपनियों को उन्नत चिप डिजाइन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की थी। इसका मकसद देश में चिप निर्माण का पूरा तंत्र विकसित करना है। इसके तहत सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्चा माल, स्वदेशी तकनीक, बौद्धिक संपदा, चिप डिजाइन और मजबूत आपूर्ति शृंखला विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही कह चुके हैं कि मिशन 2.0 में स्वदेशी चिप डिजाइन, चिप आधारित उत्पादों के विकास, साझेदारों को जोड़ने व कुशल मानव संसाधन तैयार करने को प्राथमिकता दी जाएगी।
विज्ञापन
भारत अब मजबूत भागीदार बनकर उभर रहा: अधिकारियों ने बताया कि मंजूर 12 परियोजनाओं में से दो का उद्घाटन हो चुका है, जबकि सीजी सेमी का उद्घाटन चार जुलाई को होना है। वर्ष के अंत तक एक-दो और इकाइयां शुरू हो जाएंगी। भारत अब प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मजबूत भागीदार बनकर उभर रहा है।
विज्ञापन
सेमीकंडक्टर निर्माण की 12 परियोजनाएं मंजूर
सरकार के अनुसार, भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अब तक 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
इनमें एक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाई, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाइयां और नौ चिप पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं।
वहीं, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत 24 परियोजनाओं को मदद दी जा रही है। 105 कंपनियों को उन्नत चिप डिजाइन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।