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LAC: चीनी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सैनिकों के करीब भरी उड़ान, भारत ने जताया सख्त विरोध 

Fri, 08 Jul 2022 03:54 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 08 Jul 2022 03:54 PM IST
सार

यह घटना ऐसे समय में हुई जब चीनी पक्ष पूर्वी लद्दाख सेक्टर की सीमा से लगे क्षेत्रों में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली सहित अपने लड़ाकू जेट और वायु रक्षा हथियारों से जुड़े अभ्यास कर रहा है।

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Chinese fighter jet flew close to friction point on LAC in East Ladakh last month
भारत-चीन सीमा विवाद - फोटो : पीटीआई

विस्तार

चीनी वायु सेना के एक विमान ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पूर्वी लद्दाख सेक्टर में विवाद वाले क्षेत्र के बहुत करीब से उड़ान भरकर माहौल तनावपूर्ण बना दिया। चीन की इस हरकत पर भारतीय वायु सेना ने तुरंत विरोध दर्ज कराया है। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना जून के आखिरी सप्ताह में एक दिन सुबह लगभग 4 बजे हुई। इस विमान को यहां तैनात सैनिकों ने देखा और सीमा क्षेत्र में तैनात स्वदेशी राडार ने भी इसे पकड़ा था। सूत्रों ने कहा कि संभावित हवाई क्षेत्र के उल्लंघन का पता चलने के तुरंत बाद भारतीय वायु सेना सक्रिय हो गई।

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चीन अपने इलाके में कर रहा तेज तैयारियां 
यह घटना ऐसे समय में हुई जब चीनी पक्ष पूर्वी लद्दाख सेक्टर की सीमा से लगे क्षेत्रों में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली सहित अपने लड़ाकू जेट और वायु रक्षा हथियारों से जुड़े अभ्यास कर रहा है। चीनियों के पास बड़ी संख्या में लड़ाकू जेट और मानव रहित विमान हैं, जिन्हें भारतीय क्षेत्र के पास स्थित पोस्ट पर तैनात किया गया है। इसमें होतान और गार गुंसा में प्रमुख हवाई क्षेत्र शामिल हैं, जिन्हें पिछले दो वर्षों के दौरान अत्यधिक उन्नत किया गया है। 
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2020 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अपने सैनिकों को भारी संख्या में पूर्वी लद्दाख में भारतीय चौकियों की ओर मोड़ दिया था, जिसके कारण क्षेत्र में आमने-सामने का टकराव और कई शारीरिक झगड़े हुए। सूत्रों ने कहा कि विमान के भारतीय चौकियों के करीब आने का मामला चीनियों के सामने ईस्ट एब्लिश्ड मैकेनिज्म के तहत उठाया गया और उसके बाद इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है।
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मई 2020 से दोनों पक्षों के बीच हुआ था सैन्य गतिरोध 
सूत्रों ने स्पष्ट किया कि विशेष घटना बहुत गंभीर नहीं थी, लेकिन इस तरह की घटनाओं से दूसरे पक्ष को बचना चाहिए क्योंकि इससे ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि विमान एलएसी पर उन क्षेत्रों के बहुत करीब आ गया था, जहां मई 2020 से दोनों पक्षों के बीच चल रहे सैन्य गतिरोध के दौरान भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव हुआ है। भारतीय सेना और वायु सेना ने तब से अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है और पूरे लद्दाख सेक्टर को इस हद तक मजबूत किया गया है कि विरोधी एलएसी पर यथास्थिति को एकतरफा बदलने के बारे में सोच भी नहीं सकते।


भारत ने बड़े पैमाने पर सुविधाओं का निर्माण किया 
भले ही चीनी लद्दाख सेक्टर के सामने अवैध रूप से अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास कर रहे हैं, भारत ने भी बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए सुविधाओं का निर्माण किया है। लद्दाख में सड़कों सहित बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर विकसित किया गया है ताकि सैनिकों के लिए पहले की तुलना में कम समय में अग्रिम पंक्ति तक पहुंचना आसान हो सके। भारतीय सेना में लद्दाख सेक्टर के प्रभारी उत्तरी कमान को चीनी पक्ष से खतरे से निपटने के लिए हर संभव ताकत प्रदान की गई है। इसी तरह भारतीय वायु सेना की ओर से क्षेत्र के पश्चिमी वायु कमान प्रभारी को किसी भी घटना से निपटने के लिए राफेल लड़ाकू जेट सहित सभी प्रमुख साजो-सामान दिए गए हैं।

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