{"_id":"5ed5ae74ec834416d7609fec","slug":"chinese-aircrafts-fly-near-ladakh-india-keeps-a-close-eye-congress-asks-why-is-modi-government-silent","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी विमानों ने लद्दाख के पास भरी उड़ान, भारत की पैनी नजर, कांग्रेस ने पूछा- चुप क्यों है मोदी सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चीनी विमानों ने लद्दाख के पास भरी उड़ान, भारत की पैनी नजर, कांग्रेस ने पूछा- चुप क्यों है मोदी सरकार
Tue, 02 Jun 2020 07:12 AM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Tue, 02 Jun 2020 07:12 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : PTI
सीमा पर जारी तनाव के बीच चीन के लड़ाकू विमानों के वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पूर्वी लद्दाख से 30-35 किलोमीटर दूर उड़ान भरने को लेकर भारत चौकन्ना हो गया है। चीनी विमानों ने यह उड़ान अपने सैन्य अड्डे होतान और गारगुंसा से 100-150 किलोमीटर दूर भरी।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सीमावर्ती ठिकानों पर 10 से 12 लड़ाकू विमान मौजूद हैं। वह भारतीय सीमा के करीब उड़ान गतिविधियां करती रहती है। उन्होंने कहा कि हम जे-11 और जे-7 लड़ाकू विमानों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक चीनी विमान भारतीय क्षेत्र से महज 10 किलोमीटर दूर थे। उल्लेखनीय है कि मई के पहले हफ्ते में जब भारतीय और चीनी हेलीकॉप्टर एक दूसरे के काफी करीब आ गए थे, तब भारत ने सुखोई-30 विमान को भेज दिया था।
विज्ञापन
भारत के रडार पर है होतान
पाकिस्तान ने जब से चीन की वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास किया है, तभी से चीन के होतान सैन्य ठिकाने पर भारत की नजर है। सूत्रों ने कहा कि पिछले साल भी जब पाकिस्तान के कब्जे वाले लद्दाख के पश्चिमी भाग स्कार्दू सैन्य ठिकाने से होतान के लिए पाकिस्तान के छह जेएफ-17 विमान ने उड़ान भरी तो भारत ने निगरानी बढ़ा दी थी।
विज्ञापन
ड्रैगन बोला, भारत-चीन की सीमा पर हालात स्थिर
चीन ने फिर कहा है कि भारत के साथ सीमा पर हालात स्थिर और नियंत्रण योग्य हैं। दोनों देश निर्विघ्न बातचीत के चैनल और आपसी परामर्श से मसले का हल निकाल लेंगे। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीनी सेना में लगातार टकराव के बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने यह प्रतिक्रिया व्यक्त की है। झाओ ने कहा कि हम सरहद पर अपनी संप्रभुता, सुरक्षा के साथ-साथ स्थिरता को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हम चीन के साथ दशकों पुराने सीमा विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा रहे हैं। दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर एक तंत्र विकसित किया है और उसके जरिये मसले का हल निकाला जा रहा है। इससे पहले भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश को ठुकरा चुका है।
चीन की घुसपैठ पर मोदी सरकार मौन क्यों : कांग्रेस
कांग्रेस ने चीनी सेना की भारतीय सीमा में घुसपैठ पर मोदी सरकार से पूछा है कि वह इस पर मौन क्यों बैठी है। उसने कहा कि सरकार ने हालात पर देश की जनता के साथ विवरण साझा क्यों नहीं किया।
पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भारत की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। चीनी सेना भारतीय सीमा में घुसपैठ समाचार पत्रों की सुर्खियां बनी हुई है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि चीनी सेना ने गलवान वैली और पैंगोंग झील इलाके में अतिक्रमण का दुस्साहस किया है। सुरजेवाला ने कहा है कि हालांकि सरकार ने इस संकट को कूटनीतिक तौर पर सुलझाने के संबंध में बयान दिया है, लेकिन सरकार को भारत-चीन सीमा पर पूर्व की स्थिति बहाल करने के बारे में देश के नागरिकों और सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए।