चीन ने पाक को न्यूक्लियर रिएक्टर देकर किया एनपीटी का उल्लंघनः रिपोर्ट
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न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का हवाला देकर भारत की सदस्यता का विरोध करने वाले चीन ने खुद इसका उल्लंघन किया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने 2010 में हुए एनपीटी रिव्यू कान्फ्रेंस के दौरान रखे गए प्रस्ताव का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर मुहैया कराए हैं।
टाइम्स आप इंडिया के मुताबिक इस बात का खुलासा आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (एसीए) द्वारा जारी किए गए हालिया रिपोर्ट में हुआ है। एसीए ने पाक-चीन के बीच हुए इस डील को एनपीटी का उल्लंघन करार दिया है।
रिपोर्ट में कहा, 'पाकिस्तान जैसा देश जो कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के तय मानकों के तहत नहीं आता उसे रिएक्टर्स मुहैया कराना सीधे तौर पर एनपीटी का उल्लंघन है।'
अब छह रिएक्टर कराए मुहैया
इस बात को लेकर चर्चाएं इसलिए भी काफी तेज हैं क्योंकि चीन ने एनपीटी का हवाला देते हुए ही भारत को एनएसजी में शामिल किए जाने का विरोध किया था। हालांकि, 48 देशों की समूह वाले इस ग्रुप के 42 देशों ने भारत का समर्थन किया था।
चीन को 2004 में एनएसजी की सदस्यता मिली थी। अब तक चीन ने पाकिस्तान के न्यूक्लियर पावर काम्प्लेक्स को छह परमाणु रिएक्टर मुहैया कराए हैं। इस बाबत उसने पाक के साथ 2003 में हुए रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपने इस फैसले को सही ठहराया है। हालांकि, 2003 में चीन एनएसजी समूह का सदस्य भी नहीं था।