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Hindi News ›   India News ›   China Tightens Grip on Tibet, Human Rights Violations and Cultural Suppression Intensify Report

रिपोर्ट में दावा: तिब्बत पर चीन की पकड़ और मजबूत, मानवाधिकार हनन बढ़ने का दावा; तिब्बती भाषा और धर्म पर संकट

Sat, 06 Jun 2026 05:50 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी, धर्मशाला
एजेंसी, धर्मशाला Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 06 Jun 2026 05:50 AM IST
सार

टीसीएचआरडी की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तिब्बत में चीन का नियंत्रण और सख्त हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार तिब्बती भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

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China Tightens Grip on Tibet, Human Rights Violations and Cultural Suppression Intensify Report
जिनपिंग-पीएम मोदी। - फोटो : amarujala

विस्तार

तिब्बती मानवाधिकार और लोकतंत्र केंद्र (टीसीएचआरडी) ने दो नई रिपोर्ट जारी करके बताया कि 2025 में तिब्बत में मानवाधिकारों की स्थिति और भी गंभीर हो गई, क्योंकि चीन ने यहां अपना नियंत्रण और सख्त कर दिया है। चीनी अधिकारियों ने इस क्षेत्र पर राजनीतिक और वैचारिक नियंत्रण मजबूत करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

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टीसीएचआरडी की बृहस्पतिवार को तिब्बत में मानवाधिकार स्थिति पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025 और धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट (2012-2025) जारी की। इसमें में कहा गया है, चीन की नीतियां तिब्बती सांस्कृतिक, धार्मिक और नागरिक स्वतंत्रता के लिए लगातार खतरा बन रही हैं। बीते वर्ष यहां पर दमनकारी गतिविधियां और बढ़ीं जिसमें मंदारिन भाषा में शिक्षा को प्राथमिकता देने वाली नीतियां भी शामिल है। टीसीएचआरडी की कार्यकारी निदेशक तेनजिन दावा ने बताया कि चीन की ओर से हाल में लागू किए गए शिक्षा कानून के तहत प्रारंभिक शिक्षा में पुतोंगहुआ (चीन की मानक मंदारिन भाषा) का उपयोग बढ़ा, जिससे तिब्बती भाषा की शिक्षा और भी हाशिए पर चली गई है।
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आलोचकों का कहना है यह नीति व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो तिब्बती संस्कृति और विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने में बाधक है। रिपोर्ट में शांतिपूर्ण सभाओं पर बढ़ते प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया गया है। खनन परियोजनाओं और बड़े पैमाने पर अवसंरचना विकास के विरोध में प्रदर्शन कर रहे तिब्बतियों को कथित तौर पर गिरफ्तारी, धमकी, निगरानी और अन्य दंडात्मक उपायों का सामना करना पड़ा है। बताया जाता है कि पर्यावरण के लिए हानिकारक मानी जाने वाली परियोजनाओं का विरोध करने वाले पूरे समुदायों को सामूहिक दंड का सामना करना पड़ा है।
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तिब्बती धर्मगुरु निशाने पर
टीसीएचआरडी ने रिपोर्ट में चिंता जताई है िक विदेशों में रहने वाले तिब्बती कार्यकर्ताओं और धार्मिक हस्तियों के खिलाफ दमन चक्र जारी है। रिपोर्ट में तिब्बती धार्मिक नेता तुलकु हुंगकर दोरजे की कथित तौर पर न्यायेतर हत्या का जिक्र किया है जिन्हें वियतनाम में एक अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया था। धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट तिब्बती बौद्ध धर्म पर राज्य के बढ़ते नियंत्रण का और अधिक विस्तार से वर्णन करती है। इसके मुताबिक, तिब्बती बौद्ध मठों को नियंत्रित करने वाले संशोधित नियम जनवरी 2025 से लागू हुए जिसके तहत धार्मिक संस्थानों और भिक्षुओं को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व का समर्थन करने पर बाध्य किया जाता है।

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