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चीन नहीं संभाल पा रहा 'डिजिटल झटका', कहा- भारत से करेंगे प्रतिबंध हटाने की मांग

Tue, 30 Jun 2020 07:29 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 30 Jun 2020 07:29 PM IST
सार

सीमा विवाद के चलते भारत और चीन से संबंधों में आई खटास डिजिटल मंच पर पहुंच चुकी है। भारत सरकार ने सोमवार की रात टिकटॉक समेत 59 चीनी मोबाइल एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत के इस कदम के बाद मंगलवार को नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने प्रतिक्रिया दी और इस फैसले को भेदभाव भरा करार देते हुए गलत बताया। 

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China says that decision of India to ban 59 chinese apps is wrong and they will ask India to take this decision back
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता जी रोंग ने कहा है कि कुछ निश्चित चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाने का भारत का फैसला भेदभाव से परिपूर्ण और अस्पष्ट है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का यह निर्णय निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रियाओं के खिलाफ है और राष्ट्रीय सुरक्षा अपवादों का दुरुपयोग करता है। रोंग ने इस फैसले को विश्व व्यापार नियमों के खिलाफ भी बताया। 

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उन्हों कहा कि उपभोक्ता हितों और भारत में बाजार की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए यह निर्णय उचित नहीं है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ई-कॉमर्स की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि चीन भारत सरकार के इस कदम का मजबूती से विरोध करेगा और साथ ही हम भारत से अपील करेंगे कि वह अपना भेदभाव भरा व्यवहार बदले। 

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चिंता में आया चीन, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का दिया हवाला

इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कह चुके हैं कि चीन इससे चिंतित हैं और स्थिति का आकलन कर रहा है। झाओ ने कहा कि चीन सरकार हमेशा चीनी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों-विनियमों का पालन करने के लिए कहती है। भारत सरकार पर चीनी निवेशकों सहित अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों को बनाए रखने की जिम्मेदारी है।

टिकटॉक समेत 59 एप्स को किया गया है प्रतिबंधित

बता दें कि, सोमवार को भारत सरकार ने चीन को बड़ा झटका देते हुए टिक-टॉक समेत 59 चीनी एप्स को प्रतिबंधित कर दिया था। हेलो और कैम स्कैनर पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बाद से ही टिक-टॉक एप को बैन करने की मांग की जा रही थी। यूसी ब्राउजर, शेयर इट जैसे और भी बहुत से चर्चित एप्स को प्रतिबंधित कर दिया गया। 



इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से चीनी एप्स की एक सूची तैयार कर केंद्र सरकार से उनपर रोक लगाने की अपील की थी। इसके पीछे यह दलील दी गई थी कि चीन भारतीय डाटा हैक कर सकता है। सरकार ने उन 59 मोबाइल एप्स को प्रतिबंधित किया है, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरनाक थे।

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चीन के इन एप्स पर भारत सरकार ने लगाई है रोक

टिक-टॉक- TikTok, शेयर इट- Shareit, कवाई- Kwai, यूसी ब्राउजर- UC Browser, बायडू मैप- Baidu map, शेन- Shein, क्लैश ऑफ किंग्स- Clash of Kings, डीयू बैटरी सेवर- DU battery saver, हेलो- Helo, लाइकी- Likee, यूकैम मेकअप- YouCam makeup, एमआई कम्युनिटी- Mi Community, सीएम ब्राउजर- CM Browers, वायरस क्लिनर- Virus Cleaner, आपुस ब्राउजर- APUS Browser, रोमवी- ROMWE, क्लब फैक्ट्री- Club Factory, न्यूजडॉग- Newsdog, ब्यूटी प्लस- Beutry Plus, वीचैट- WeChat, यूसी न्यूज- UC News, क्यूक्यू मेल- QQ Mail, वीबो- Weibo ।

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