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जिनपिंग की यात्रा से पहले चीन ने अरुणाचल में भारत के सैन्य अभ्यास पर जताई आपत्ति
Sat, 05 Oct 2019 10:49 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 05 Oct 2019 10:49 AM IST
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सैन्य अभ्यास की तैयारी में जुटे सैनिक (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच चेन्नई में अनौपचारिक बैठक होने वाली है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारत के चल रहे हिम-विजय सैन्य अभ्यास पर कड़ी आपत्ति जताई है। चीनी उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई जो पहले भारत में चीन के राजदूत थे, उन्होंने विदेश सचिव विजय गोखले के साथ गुरुवार को हुई बैठक में अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
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चीन ने भारत को बताया कि इस सैन्य अभ्यास से दोनों देशों के बीच होने वाली अनौपचारिक बैठक पर असर पड़ सकता है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह अभ्यास वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से 100 किलोमीटर की दूरी पर हो रहा है और इसके समय का अनौपचारिक बैठक से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि इसकी योजना कई महीने पहले बनाई गई थी।
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जानकारी के अनुसार शी जिनपिंग 11 अक्तूबर को दोपहर के दो बजे चेन्नई पहुंचेंगे। उसी दिन शाम को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंदिरों के शहर मल्लपुरम में डिनर करेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक वुहान की तुलना में छोटी अवधि वाली होगी। शी जिनपिंग भारत में 24 घंटे से ज्यादा समय तक नहीं रहेंगे। वहीं लुओ-गोखले की बैठक रडार पर है क्योंकि दोनों तरफ से किसी ने भी आधिकारिक तौर पर लुओ की यात्रा की पुष्टि नहीं की है।
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अरुणाचल प्रदेश के जिस क्षेत्र में सैन्य अभ्यास हो रहा है उसे चीन दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है, वह इस अभ्यास से नाराज है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि वह इस समय जिनपिंग की यात्रा की तिथियों की आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि इस बैठक के जरिए दोनों नेता कई मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं।