लद्दाख में चीनी सैनिकों ने की घुसपैठ
- चार वाहनों पर थे सवार
- भारी हथियारों से लैस थे जवान
- साढ़े पांच किमी अंदर भारतीय क्षेत्र में घुसे
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चीनी सैनिकों के एक बार फिर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने का मामला सामने आया है। पिछले दिनों लद्दाख सेक्टर में चीनी पीएलए के सैनिक भारतीय क्षेत्र में साढ़े पांच किमी तक अंदर पानगोंग झील तक घुस आए। इस कारण दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच तनातनी पैदा हो गई।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक यह घटना आठ मार्च की है। एक कर्नल रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में पीएलए के 11 सैनिक पानगोंग झील के करीब सिरजाप-1 क्षेत्र के फिंगर-8 में काल्पनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार कर आ गए।
सूत्रों ने बताया कि चीन सैनिक चार वाहनों में सवार थे और वे भारत के थाकुंग बोर्डर पोस्ट को पार कर 5.5 किमी भीतर भारतीय क्षेत्र में आए थे। इनमें दो हल्के, एक मध्यम और एक भारी वाहन थे। सूत्रों ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की एक पेट्रोल टीम ने तुरंत इन चीनी सैनिकों को देख लिया और उन्हें रोक दिया।
फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं
दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच कुछ घंटे तक तनाव बना रहा, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई और दूसरा पक्ष पीछे हटा। सेना ने इस बारे में फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। सूत्रों ने बताया कि चीनी प्लाटून का नेतृत्व एक कर्नल रैंक का अधिकार कर रहा था और उसमें दो मेजर भी शामिल थे।
रिपोर्ट के मुताबिक चीनी प्लाटून पूरी तरह से हथियारों से लैस था। हालांकि आईटीबीपी के जवान भी हथियारों और उपकरणों से लैस थे। वे लंबी दूरी तक पेट्रोल पर निकले थे। गौरतलब है कि पानगोंग झील के लगे 90 वर्ग किमी दायरे में स्थिति हमेशा से तनावपूर्ण रहता है। इस झील का दो तिहाई हिस्सा चीन में है। भारतीय सेना की पेट्रोल टीम अक्सर अपने क्षेत्र में चीन सैनिकों की घुसपैठ को पकड़ती रही है।
दौलत बेग ओल्डी के देपसंग में मई 2013 में तीन सप्ताह तक दोनों देश की सेना के बीच तनाव कायम रहा था। चीन ने सिरिजाप के फिंगर-4 इलाके में एक सड़क का निर्माण कर लिया है जो एलएसी से पांच किमी भीतर भारतीय क्षेत्र में है।