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लद्दाख में फिर चीन की घुसपैठ, विवादित पैंगोग झील के पास बिछा रहा सुरंगों का जाल

Thu, 26 Dec 2019 10:14 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह Published by: अमित मंडल Updated Thu, 26 Dec 2019 10:14 PM IST
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China intrusion in Ladakh again, digging tunnel near pegong lake
चीन का झंडा
लद्दाख में लगातार घुसपैठ कर अपना दावा जताते रहे चीन की एक और कुत्सित चाल सामने आई है। चीन ने यहां सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब बड़े पैमाने पर सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण शुरू कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने यहां तंबू लगाकर अंदर ही अंदर भूमिगत सुरंगें बना ली हैं और पैंगोंग सो झील क्षेत्र के करीब विवादित फिंगर-8 क्षेत्र में भी सुरंगों का जाल बिछा रही है। भारत ने इस पर ऐतराज जताया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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सूत्रों के मुताबिक, चीनी सेना ने इस क्षेत्र में अपने सैनिक बढ़ाने के साथ ही गश्त भी तेज कर दी है। साथ ही भारतीय सैनिकों को यहां आवाजाही से रोका जा रहा है, जबकि इससे पहले दोनों ही देशों की सेनाएं यहां गश्त करती रहती थीं। सूत्रों का कहना है कि इससे पहले यहां दोनों ही देशों की सेनाओं ने कोई स्थायी निर्माण नहीं किया था, लेकिन अब चीन ने यहां तंबुओं को गाड़कर अपना कब्जा जमाने की शुरुआत कर दी है और यह भारतीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंता का विषय है।
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पैंगोंग झील को लेकर है विवाद
पैंगोंग सो झील एलएसी के दोनों तरफ चीनी कब्जे वाले तिब्बत और भारतीय लद्दाख क्षेत्र में करीब 134 किलोमीटर लंबाई में फैली हुई है। इस झील का करीब दो तिहाई हिस्सा चीन के कब्जे में है, जबकि लद्दाख की तरफ का उत्तरी हिस्सा भारत के पास है। लेकिन चीन उत्तरी हिस्से को भी अपना बताते हुए यहां भारतीय सेना की मौजूदगी पर ऐतराज जताता रहता है। इसके चलते दोनों सेनाओं में कई बार यहां भिड़ंत भी हो चुकी है। भारतीय सेना के मुताबिक, दोनों सेनाओं के जवानों के बीच भिड़ंत के बाद हर बार दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए तय प्रक्रिया का पालन किया जाता है। इस प्रक्रिया में ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग आयोजित की जाती है और मामला सुलझा लिया जाता है।
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सितंबर में भी यहां चीनी सेना ने लगाए थे तंबू
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस साल सितंबर में भी चीनी सेना ने झील के उत्तरी हिस्से में अपने तंबू लगा दिए थे। लेकिन बाद में फ्लैग मीटिंग के बाद ये तंबू हटा लिए गए थे। इसी दौरान झील के पूर्वी हिस्से के करीब भी दोनों तरफ के जवानों के बीच उस समय तीखी नोंकझोंक हो गई थी, जब चीनी सैनिकों ने इस क्षेत्र में भारतीय जवानों को गश्त करने से रोकने की कोशिश की थी।


दो साल पहले सुरंग वाले इलाके में हुई थी हिंसक झड़प
पैंगोंग सो झील के उत्तरी हिस्से के फिंगर-5 से फिंगर-8 (पर्वतीय उभार) तक के विवादित हिस्से में 15 अगस्त, 2017 को दोनों देशों के जवानों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दोनों तरफ के जवानों ने पत्थरों और लोहे की रॉड से एक-दूसरे पर हमला किया था। इसमें कई सैनिक घायल हुए थे। हालांकि बाद में दोनों तरफ के अधिकारियों ने वार्ता कर मामला सुलझा लिया था।





 
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