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ड्रैगन की चालबाजी: एलएसी पर चीन ने तैनात किए अपने विमान, वायुसेना प्रमुख बोले- करारा जवाब मिलेगा
Tue, 05 Oct 2021 01:37 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 05 Oct 2021 01:37 PM IST
सार
भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने मंगलवार को बड़ी जानकारी देते हुए कहा कि चीनी वायु सेना के जवान अभी भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के तीन एयर बेस पर मौजूद हैं।
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भारतीय वायुसेना
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने मंगलवार को बड़ी जानकारी देते हुए कहा कि चीनी वायु सेना के जवान अभी भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के तीन एयर बेसों पर मौजूद हैं। अगर वे किसी भी तरह की अवैध गतिविधि करते हैं तो हमारे जवान इसका सामना करने कि लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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भारतीय वायु सेना की 89वीं वर्षगांठ पर मीडिया को संबोधित करते हुए, एयर चीफ मार्शल ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी वायुसेना के जवान अभी भी एलएसी के तीन एयर बेसों पर मौजूद है। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि इनका सामना करने के लिए हमारे जवान भी पूरी तरह से तैयार हैं। वहीं लद्दाख के पास चीनी वायु सेना की क्षमताओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमारे जवानों द्वारा कई ऊंचाई वाले मिशन शुरू करने के बाद चीन की क्षमता कमजोर होगी। चौधरी ने यह भी कहा कि राफेल, अपाचे के शामिल होने से हमारी युद्ध क्षमता में काफी इजाफा हुआ है।
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एयर चीफ मार्शल ने कहा कि राफेल और चीनूक जैसे उन्नत तकनीक वाले लड़ाकू विमान और हेलाकॉप्टर के शामिल होने से वायुसेना की मारक क्षमता में खासी बढोत्तरी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि बहुप्रतीक्षित रूस निर्मित एस-400 जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम एक साल के भीतर वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा। इसके अलावा दो दुश्मनों की चुनौतियों के निबटने के लिए वायुसेना लगातार अपनी ताकत में बहुआयामी बढोत्तरी कर रहा है।
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एयर चीफ मार्शल ने बताया कि भारतीय वायु सेना 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की प्रस्तावित खरीद को आगे बढ़ा रही है। खास बात यह है कि इसे मेक इन इंडिया पहल के तहत तैयार किया जाएगा। अप्रैल 2019 में वायु सेना ने लगभग 18 बिलियन अमरीकी डॉलर की लागत से 114 जेट हासिल करने के लिए प्रारंभिक निविदा जारी की थी। इसे हाल के वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े सैन्य खरीद कार्यक्रमों में से एक के रूप में बताया गया था।
नई युद्ध प्रणालियों पर जोर
उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना यह नई युद्ध प्रणालियों पर जोर दे रही है ताकि वे अपने विरोधियों का मजबूती से सामना कर सके। उन्होंने कहा कि राफेल अपाचे को शामिल करने से हमारी युद्ध क्षमता में काफी वृद्धि हुई है। एकीकरण के साथ हमारी आक्रामण क्षमता और भी अधिक शक्तिशाली हो गई है। हमारे बेड़े में नए हथियारों को भी शामिल किया गया है।
पाकिस्तान और पीओके में बने हवाई पट्टी से कोई टेंशन नहीं
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान और PoK के क्षेत्रों में हवाई पट्टी बनने के संबंध में हमें चिंतित नहीं होना चाहिए क्योंकि वे छोटे स्ट्रिप्स हैं जो कुछ हेलीकॉप्टरों को संभालने में सक्षम हैं। पाकिस्तान ने अफगान सीमा की ओर जो हवाई पट्टी बनाई है, वह हो सकता है अपने लोगों को बचाने के लिए हो।