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टकराव: भीषण ठंड के बीच भी पैंगोंग झील पर तेजी से पुल बना रहा चीन, पूरा हुआ तो भारत के लिए पैदा होगी बड़ी चुनौती
Tue, 18 Jan 2022 06:33 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 18 Jan 2022 06:33 PM IST
सार
अगर 400 मीटर लंबा यह पुल पूरा होता है, तो भारत के हिस्से वाली जगह पर चीन अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में सफल हो जाएगा और इसके जरिए इलाके में उसका दावा भी मजबूत होगा।
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पैंगोंग झील
- फोटो : Social media
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विस्तार
चीन और भारत के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर तनाव बढ़ना अब लगभग तय माना जा रहा है। दरअसल, दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव वाली पैंगोंग झील पर चीन ने पुल बनाने के काम में जबरदस्त तेजी दिखाई है। सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने लगभग आठ मीटर चौड़े पुल का निर्माण तेजी से किया है और वह भीषण ठंड के बीच भी इस पुल को जल्द से जल्द पूरा कर लेना चाहता है।
चीन का यह 400 मीटर लंबा पुल अगर पूरा हो जाता है, तो यह भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है। दरअसल, इससे भारत के हिस्से वाली जगह पर चीन अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में सफल हो जाएगा और इसके जरिए इलाके में उसका दावा भी मजबूत होगा। इतना ही नहीं यह पुल भी चीन की सेना को भारत पर नजर रखने में रणनीतिक बढ़त देगा।
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किस जगह पर है पैंगोंग लेक पर बना यह पुल?
यह पुल पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर स्थित चीनी सेना के बेस से दक्षिण की तरफ है। 2020 में भारत के साथ टकराव के दौरान चीन ने इस जगह पर अपने अस्थायी अस्पताल और गोदाम बना लिए थे। 16 जनवरी तक की सैटेलाइट तस्वीरों पर गौर किया जाए, तो सामने आता है कि चीन की ओर से पुल के खंभे बनाने का काम जारी है और इसके स्लैब को बिछाने में क्रेन्स की मदद ली जा रही है।
निर्माण का दायरा देखते हुए साफ है कि चीन इस पुल को कुछ ही महीनों में पूरा कर लेगा। इससे उसे रुतोग तक सड़क मार्ग भी मिल जाएगा, जो कि क्षेत्र में चीन का सैन्य केंद्र है। बताया जाता है कि इस पुल की वजह से पैंगोंग के उत्तरी किनारे पर मौजूद चीनी सेना को पैंगोंग झील का चक्कर लगाकर रुतोग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नया पुल तैयार हो जाने के बाद चीनी सेना का दो सौ किलोमीटर लंबा सफर महज 150 किमी का रह जाएगा।
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चीन का यह 400 मीटर लंबा पुल अगर पूरा हो जाता है, तो यह भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है। दरअसल, इससे भारत के हिस्से वाली जगह पर चीन अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में सफल हो जाएगा और इसके जरिए इलाके में उसका दावा भी मजबूत होगा। इतना ही नहीं यह पुल भी चीन की सेना को भारत पर नजर रखने में रणनीतिक बढ़त देगा।
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किस जगह पर है पैंगोंग लेक पर बना यह पुल?
यह पुल पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर स्थित चीनी सेना के बेस से दक्षिण की तरफ है। 2020 में भारत के साथ टकराव के दौरान चीन ने इस जगह पर अपने अस्थायी अस्पताल और गोदाम बना लिए थे। 16 जनवरी तक की सैटेलाइट तस्वीरों पर गौर किया जाए, तो सामने आता है कि चीन की ओर से पुल के खंभे बनाने का काम जारी है और इसके स्लैब को बिछाने में क्रेन्स की मदद ली जा रही है।
निर्माण का दायरा देखते हुए साफ है कि चीन इस पुल को कुछ ही महीनों में पूरा कर लेगा। इससे उसे रुतोग तक सड़क मार्ग भी मिल जाएगा, जो कि क्षेत्र में चीन का सैन्य केंद्र है। बताया जाता है कि इस पुल की वजह से पैंगोंग के उत्तरी किनारे पर मौजूद चीनी सेना को पैंगोंग झील का चक्कर लगाकर रुतोग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नया पुल तैयार हो जाने के बाद चीनी सेना का दो सौ किलोमीटर लंबा सफर महज 150 किमी का रह जाएगा।