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तैयारी: जल्द बच्चों को लगेंगे टीके, अक्तूबर से शुरू होगा अभियान

Fri, 20 Aug 2021 07:39 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 20 Aug 2021 07:39 AM IST
सार

नाक से दी जाने वाली वैक्सीन के आने के बाद टीकाकरण में काफी तेजी आ सकती है। एक बार में 100 से 200 लोगों को महज एक से दो घंटे के बीच वैक्सीन दी जा सकती है। इसका स्कूलों में काफी बेहतर तरीके से प्रयोग किया जा सकता है।

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children will also start getting vaccines by october
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना वायरस से बचाव के लिए अगले एक से दो महीने में बच्चों को भी वैक्सीन लग सकेगी। पुणे स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी (एनआईवी) की निदेशक डॉ. प्रिया अब्राहम ने कहा, बच्चों को लेकर फिलहाल कोवाक्सिन का परीक्षण चल रहा है। 2 से 18 साल की आयु वाले बच्चों में परीक्षण चल रहा है। इस परीक्षण के परिणाम अभी तक काफी संतोषजनक रहे हैं। 

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इस बात की पूरी उम्मीद है कि सिंतबर अंत या अक्तूबर की शुरुआत में बच्चों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी। उन्होंने इस बात की संभावना भी व्यक्त की है कि कोवाक्सिन के अलावा जायडस कैडिला की वैक्सीन भी बच्चों के लिए टीकाकरण में शामिल हो सकती है। इन दो वैक्सीन के साथ बच्चों का टीकाकरण शुरू किया जा सकता है।
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आने वाली है नाक से दी जाने वाली वैक्सीन..
डॉ. प्रिया ने बताया कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन और जेनोवा भी आने वाले हैं। जेनोवा वैक्सीन एमआरएनए पर आधारित है। इनके अलावा कोवावैक्स भी जल्द मिल सकती है। 
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नाक से दी जाने वाली वैक्सीन एक अनोखा शोध है, जो कि दुनिया में पहली बार भारत में हुआ है और हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी इस पर काम कर रही है। 

इस वैक्सीन के आने के बाद टीकाकरण में काफी तेजी आ सकती है। एक बार में 100 से 200 लोगों को महज एक से दो घंटे के बीच वैक्सीन दी जा सकती है। इसका स्कूलों में काफी बेहतर तरीके से प्रयोग किया जा सकता है।

डेल्टा वैरिएंट पर भी असरदार
डॉ. प्रिया ने बताया कि अभी सबसे ज्यादा डेल्टा वैरिएंट मिल रहा है लेकिन वैक्सीन इस वैरिएंट पर असरदार है। कुछ एंटीबॉडी स्तर पर असर पड़ता है लेकिन अगर पूरी स्थिति का अवलोकन करें तो वैक्सीन से मौत की आशंका को टाला जा सकता है और गंभीर स्थिति में पहुंचने से भी रोका जा सकता है। 

होम किट्स का इस्तेमाल बिना लक्षण वालों के लिए 
डॉ. प्रिया ने बताया कि अब घर बैठे कोरोना की जांच करने वाली किट्स भी उपलब्ध हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल बिना लक्षण वाले मरीजों पर ही किया जाना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उन्हें आरटी पीसीआर जांच कराने की सलाह दी जाती है।

राज्यों को 81 लाख खुराकों की खेप जारी 
टीकाकरण बढ़ाने के लिए राज्यों को टीके की लगातार नई खेप जारी की जा रही है। बृहस्पतिवार को भी केंद्र सरकार ने 81 लाख से अधिक खुराकों की खेप जारी की है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को अब तक 58.31 करोड़ से अधिक खुराक भेजी गई हैं जिनमें से 56.29 करोड़ खुराक की खपत हो चुकी है। अभी राज्यों के पास 38 लाख खुराकें ही बची हैं जिनका इस्तेमाल बृहस्पतिवार शाम तक होगा। 


इसके चलते 81.10 लाख खुराकों की खेप और जारी की है। हालांकि टीकाकरण की गति को देखें तो यह खुराक पर्याप्त नहीं है क्योंकि देश में रोजाना 50 लाख खुराकें दी जा रही हैं। 

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