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चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रैकेट केसः CBI का खुलासा, व्हाट्सएप ग्रुप में 40 देशों के 119 सदस्य थे शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Mar 2018 09:43 PM IST
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बाल पोर्नोग्राफी मामले की वैश्विक जांच शुरू करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 40 देशों से संपर्क साधा है। इसके लिए इंटरपोल की मदद ली गई है। इन देशों से उन मोबाइल फोन मालिकों का ब्यौरा मांगा गया है, जो इस कथित व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे। इस ग्रुप पर बच्चों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए थे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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इस बाल पोर्नोग्राफी वाले व्हाट्सएप ग्रुप में 234 सदस्य थे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है। भारत से 66, पाकिस्तान से 56, अमेरिका से 29 लोग इस ग्रुप का हिस्सा थे। इसके अलावा 37 अन्य देशों के लोग भी इस ग्रुप से जुड़े थे। अधिकारियों ने बताया कि कुछ देशों ने यूजर्स के संबंध में सूचनाएं साझा की हैं। हालांकि एजेंसी ने इसकी ज्यादा जानकारी नहीं दी क्योंकि यह जांच को प्रभावित कर सकता है। सीबीआई ने 22 फरवरी को एक अंतरराष्ट्रीय बाल पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। यह रैकेट एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये चल रहा था। ए
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जेंसी ने इस ग्रुप को चलाने वाले निखिल वर्मा को यूपी के कन्नौज से गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने वर्मा के अलावा उसके चार साथियों - दिल्ली के रहने वाले नफीस रेजा और जाहिद, मुंबई के सतेंद्र ओम प्रकाश चौहान और नोएडा के आदर्श के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी से इस मामले में पूछताछ की गई है। जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि ‘किड्सट्रिपलएक्स’ नाम से चल रहे ग्रुप से जुड़े लोगों को बच्चों की अश्लील तस्वीरें एवं वीडियो मिल रहे थे।
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अधिकारियों ने बताया कि भारत, पाकिस्तान और अमेरिका के अलावा चीन, न्यूजीलैंड, मैक्सिको, अफगानिस्तान, ब्राजील, केन्या, नाइजीरिया और श्रीलंका से लोग इस ग्रुप से जुड़े हैं। इस मामले में मारे गए छापों के दौरान सीबीआई ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और दूसरे डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं। इन्हें तिरुवनंतपुरम स्थित एक सरकारी लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया है।