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ECI: सीईसी कुमार और ईसी पांडे नहीं लेंगे अपने भत्ते, साल में तीन की जगह एक एलटीसी लेने का निर्णय
Fri, 20 May 2022 04:17 PM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 20 May 2022 04:17 PM IST
सार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीईसी और ईसी को एक साल में मिलने वाले तीन एलटीसी के स्थान पर केवल एक एलटीसी का लाभ उठा पाएंगे। जिस पर उचित कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
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राजीव कुमार
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त (ईसी) अनूप चंद्र पांडे ने भत्ते और विशेषाधिकार नहीं लेने का फैसला किया है। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कुमार ने शुक्रवार को ईसी अनूप चंद्र पांडे के साथ चुनाव आयोग की पहली बैठक की।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) को उपलब्ध भत्तों और विशेषाधिकारों की समीक्षा की गई। आयोग ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सीईसी और ईसी वर्तमान में कोई भी आयकर लाभ नहीं मिलेगा। इसमें उन्हें मिलने वाले विशेष भत्ते पर आयकर छूट भी शामिल है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीईसी और ईसी को एक साल में मिलने वाले तीन एलटीसी के स्थान पर केवल एक एलटीसी का लाभ उठा पाएंगे। जिस पर उचित कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
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15 मई को राजीव कुमार ने संभाली मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जिम्मेदारी
पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार ने 15 मई को 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली। वह एक सितंबर, 2020 से बतौर निर्वाचन आयुक्त, चुनाव आयोग से जुड़े थे। उन्होंने सुशील चंद्रा का स्थान लिया है, जो शनिवार शाम को सेवानिवृत्त हो गए। उनके समक्ष पहली जिम्मेदारी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव कराने की होगी। राजीव कुमार 1 सितंबर, 2020 से चुनाव आयुक्त के रूप में चुनाव आयोग में कार्यरत हैं। चुनाव आयुक्त के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, 2020 में बिहार की राज्य विधानसभाओं के लिए चुनाव हुए हैं, मार्च में कोविड संक्रमण के बीच असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए हैं।
कौन हैं राजीव कुमार?
राजीव कुमार का जन्म 19 फरवरी, 1960 को हुआ था। वे 1984 बैच के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में 36 साल तक काम किया। केंद्र के कई मंत्रालयों के अलावा उन्होंने अपने बिहार-झारखंड कैडर में भी लंबे समय तक सेवाएं दीं। राजीव कुमार बीएससी के साथ वकालत में एलएलबी, पीजीडीएम और लोक नीति से एमए भी किया है। इसके अलावा उन्होंने सामाजिक, पर्यावरण-वन, मानव संसाधान, वित्त और बैंकिंग सेक्टर में भी काम किया है। वे फरवरी 2020 में ही केंद्रीय वित्त सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
राजीव कुमार के नेतृत्व में कराए जाएंगे 2024 के आम चुनाव
राजीव कुमार को एक सितंबर 2020 को चुनाव आयोग में आयुक्त के तौर पर नियुक्ति मिली थी। नियमों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त का कार्यकाल छह साल या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) उस समय तक होता है। चूंकि, कुमार का जन्म फरवरी, 1960 को हुआ था, इसलिए उनका कार्यकाल 2025 तक है। यानी अगले विधानसभा चुनावों से लेकर 2024 के आम चुनाव तक राजीव कुमार की देखरेख में ही होने हैं।
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बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) को उपलब्ध भत्तों और विशेषाधिकारों की समीक्षा की गई। आयोग ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सीईसी और ईसी वर्तमान में कोई भी आयकर लाभ नहीं मिलेगा। इसमें उन्हें मिलने वाले विशेष भत्ते पर आयकर छूट भी शामिल है।
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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सीईसी और ईसी को एक साल में मिलने वाले तीन एलटीसी के स्थान पर केवल एक एलटीसी का लाभ उठा पाएंगे। जिस पर उचित कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
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15 मई को राजीव कुमार ने संभाली मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जिम्मेदारी
पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार ने 15 मई को 25वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली। वह एक सितंबर, 2020 से बतौर निर्वाचन आयुक्त, चुनाव आयोग से जुड़े थे। उन्होंने सुशील चंद्रा का स्थान लिया है, जो शनिवार शाम को सेवानिवृत्त हो गए। उनके समक्ष पहली जिम्मेदारी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव कराने की होगी। राजीव कुमार 1 सितंबर, 2020 से चुनाव आयुक्त के रूप में चुनाव आयोग में कार्यरत हैं। चुनाव आयुक्त के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, 2020 में बिहार की राज्य विधानसभाओं के लिए चुनाव हुए हैं, मार्च में कोविड संक्रमण के बीच असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए हैं।
कौन हैं राजीव कुमार?
राजीव कुमार का जन्म 19 फरवरी, 1960 को हुआ था। वे 1984 बैच के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में 36 साल तक काम किया। केंद्र के कई मंत्रालयों के अलावा उन्होंने अपने बिहार-झारखंड कैडर में भी लंबे समय तक सेवाएं दीं। राजीव कुमार बीएससी के साथ वकालत में एलएलबी, पीजीडीएम और लोक नीति से एमए भी किया है। इसके अलावा उन्होंने सामाजिक, पर्यावरण-वन, मानव संसाधान, वित्त और बैंकिंग सेक्टर में भी काम किया है। वे फरवरी 2020 में ही केंद्रीय वित्त सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
राजीव कुमार के नेतृत्व में कराए जाएंगे 2024 के आम चुनाव
राजीव कुमार को एक सितंबर 2020 को चुनाव आयोग में आयुक्त के तौर पर नियुक्ति मिली थी। नियमों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त का कार्यकाल छह साल या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) उस समय तक होता है। चूंकि, कुमार का जन्म फरवरी, 1960 को हुआ था, इसलिए उनका कार्यकाल 2025 तक है। यानी अगले विधानसभा चुनावों से लेकर 2024 के आम चुनाव तक राजीव कुमार की देखरेख में ही होने हैं।