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Politics: 'महत्वपूर्ण मंत्रालयों के लिए गैरनिर्वाचित विशेषज्ञों की जरूरत क्यों?' वैष्णव पर चिदंबरम का तंज
Tue, 13 Jun 2023 06:34 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 13 Jun 2023 06:34 PM IST
सार
उन्होंने ट्विटर के को फाउंडर जैक डोर्सी द्वारा किए गए दावे को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जैक के खुलासे ने इस दावे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया कि देश में जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं।
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पी चिदंबरम
- फोटो : Social Media
विस्तार
कांग्रेस ने ट्विटर के पूर्व सीईओ और सह संस्थापक जैक डॉर्सी के विवादित बयान पर मोदी सरकार पर प्रहार किया है। डोर्सी ने कहा था कि भारत सरकार द्वारा किसान आंदोलन के दौरान सरकार की आलोचना करने वालों पर पाबंदी लगाने का दबाव था। इस बयान के आने के बाद से देश की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ओडिशा रेल हादसे और कोविन डेटा लीक के दावों पर भी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि महत्वपूर्ण मंत्रालयों को चलाने के लिए हमें अनिर्वाचित तथाकथित विशेषज्ञों की जरूरत क्यों है।
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बालासोर हादसे को लेकर लगाया आरोप
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि वह रेलवे, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री वैष्णव के अपने मंत्रालयों को चलाने के तरीके के खुलासे से भी हैरान हैं। कांग्रेस नेता ने बालासोर हादसे को लेकर केंद्र पर आरोप लगाते हुए सवाल किया कि बालासोर त्रासदी से साफ पता चलता है कि रेलमंत्री या उनके अधिकारियों ने दिसंबर 2022 में सौंपी गई कैग रिपोर्ट संख्या 22 और 23 को नहीं पढ़ा। इतना ही नहीं उन्होंने फरवरी 2023 में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक के पत्र को भी नहीं पढ़ा।
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कोविन के कथित डाटा लीक पर भी कसा तंज
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने दावा किया कि कथित तौर पर CoWin पोर्टल से डेटा लीक से यह उजागर हुआ है कि देश में लाखों भारतीयों का व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित और संरक्षित नहीं है।
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ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के दावे को लेकर भी लगाए आरोप
इसके साथ ही उन्होंने ट्विटर के को फाउंडर जैक डोर्सी द्वारा किए गए दावे को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि "ट्विटर एकाउंट को ब्लॉक करने या हटाने के लिए ट्विटर पर भारी दबाव डालने के साथ ही आयकर विभाग की कार्रवाई के साथ ही कर्मचारियों को गिरफ्तार करने की धमकियों का खुलासा हुआ है। इसने इस दावे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया कि देश में जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं।
अब जानिए, क्या बोले थे जैक डोर्सी
ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने एक यूट्यूब चैनल 'ब्रेकिंग पॉइंट्स' को इंटरव्यू दे रहे थे। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए। इन्हीं सवालों में एक सवाल था कि क्या कभी किसी सरकार की तरफ से उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई? इसके जवाब में डोर्सी ने बताया कि ऐसा कई बार हुआ और फिर डोर्सी ने भारत का उदाहरण दिया। अपनी बात को विस्तार में बताते हुए डोर्सी ने कहा कि सरकार की तरफ से उनके कर्मचारियों के घरों पर छापेमारी की बात कही गई। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने पर ऑफिस बंद करने की भी धमकी दी गई। डोर्सी ने कहा कि यह सब भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हुआ।
सरकार ने आरोपों पर क्या कहा
जैक डोर्सी के आरोपों पर सरकार ने पलटवार किया है। भारत के आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट करते हुए जैक डोर्सी के आरोपों को झूठा करार दिया है। चंद्रशेखर ने लिखा कि यह ट्विटर के इतिहास के उस धुंधले दौर को साफ करने की कोशिश है, जब ट्विटर डोर्सी के कार्यकाल में लगातार भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा था। साल 2020 से लेकर 2022 तक ट्विटर ने भारतीय कानूनों के मुताबिक काम नहीं किया और जून 2022 से भारतीय कानूनों का पालन शुरू किया। किसी को भी जेल नहीं हुई और ना ही ट्विटर को बंद किया गया। डोर्सी के कार्यकाल के दौरान ट्विटर को भारत की संप्रभुता और भारतीय कानूनों को स्वीकार करने में समस्या थी।