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छत्तीसगढ़ सरकार को नहीं एनआईए जांच पर भरोसा, झीरम घाटी नक्सली हमले की खुद कराएगी जांच

Fri, 27 Sep 2019 02:39 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 27 Sep 2019 02:39 PM IST
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Chhattisgarh Govt have not trust on NIA, SIT will probe the Jhiram Ghati Naxal Attack
Sukma, chhattisgarh naxal attack
छत्तीसगढ़ सरकार को अब एनआईए जांच पर भरोसा नहीं रहा। एनआईए ने पांच साल पहले हुए झीरम घाटी के नक्सली हमले की जांच कर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस हमले में अलग-अलग कॉडर के 88 नक्सलियों का हाथ बताया गया था। 2015 में इसी मामले को लेकर एनआईए ने एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। अब छत्तीसगढ़ सरकार ने एनआईए जांच पर सवाल उठा दिए हैं।
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सरकार का कहना है कि जांच ठीक तरह से नहीं की गई। जांच के दौरान कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर झीरम घाटी के नक्सली हमले से संबंधित तमाम दस्तावेज मुहैया कराने की मांग की है। वहीं, सरकार का कहना है कि वह अपने स्तर पर एसआईटी से इस मामले की जांच कराएगी।
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बता दें कि 2013 में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की झीरम घाटी में बड़ा नक्सली हमला हुआ था। जिसमें कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 27 मई 2013 को इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। एनआईए ने एक साल बाद इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी, बाद में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में राज्य सरकार का कहना है कि इस मामले की जांच ठीक से नहीं हुई है।

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राज्य सरकार ने एनआईए की जांच में करीब दर्जनभर खामियां गिनाते हुए कहा है कि जांच एजेंसी ने इस मामले में कई तथ्यों को नजरअंदाज किया है। इस हमले के लिए बड़े पैमाने पर षड्यंत्र रचा गया था। नेताओं को टारगेट कर यह हमला किया गया। एनआईए ने केवल 39 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।

 

एनआईए की चार्जशीट में लिखा गया कि झीरम घाटी का हमला दंडकारण्य जोनल कमेटी के जरिये कराया गया था। राज्य सरकार का तर्क है कि नक्सल में यह कमेटी बहुत निचले स्तर पर होती है। इतना बड़ा हमला, जिसमें निशाने पर कई नेता भी शामिल हों, उसे इतनी छोटी सी कमेटी अंजाम नहीं दे सकती। उस वक्त यह बात सामने आई थी कि नक्सली कई हिस्सों में ऐसे हमले कर सकते हैं। एनआईए ने इस एंगल से मामले की जांच नहीं की। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि इस मामले को राज्य सरकार के पास ट्रांसफर कर दिया जाए। इससे संबंधित दस्तावेज राज्य सरकार को मुहैया करा दें। राज्य सरकार खुद की गठित की गई एसआईटी से इस मामले की जांच कराएगी।

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