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आईपीएस अधिकारियों के मुद्दे पर ममता को मिला बघेल, गहलोत और स्टालिन का साथ
Sun, 20 Dec 2020 03:02 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 20 Dec 2020 03:02 AM IST
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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तीन आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन का साथ मिला है।
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ममता के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए बघेल ने कहा कि संघवाद फिर से दांव पर है। केंद्र की भाजपा सरकार राज्यों के प्रशासनिक तंत्र में दखल दे रही है और अधिकारियों के तबादले कर रही है। वह भी ऐन चुनाव से पहले, केंद्र का हस्तक्षेप निंदनीय और बेहद आपत्तिजनक है। गहलोत ने भी बंगाल की सीएम के ट्वीट को रिट्वीट किया।
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वहीं स्टालिन ने ममता के समर्थन में सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने लिखा, केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा तीन आईपीएस अधिकारियों का एकतरफा तबादला निरंकुश और संघवाद के खिलाफ है। देश की सिविल सेवा दिल्ली में सत्तारूढ़ दल की सनक और कल्पनाओं से तय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पीएमओ से इस मामले में दखल देने और तबादलों को रद्द करने का भी अनुरोध किया।
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ममता ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया था कि तीन आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार का आदेश सत्ता दुरुपयोग है और राज्य सरकार विस्तारवादी तथा अलोकतांत्रिक ताकतों के आगे नहीं झुकेगी। यह कदम खासकर चुनाव से पहले संघीय ढांचे के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। यह पूरी तरह असांविधानिक और पूरी तरह अस्वीकार्य है।