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इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन कहेगी तभी पद छोड़ेंगे चौटाला
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली, 29 दिसंबर
Updated Fri, 30 Dec 2016 05:01 AM IST
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इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से सुरेश कलमाडी और अभय चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने का मामला इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के दरबार में पहुंचने जा रहा है। कलमाडी की तरह आजीवन अध्यक्ष पद नहीं छोडने पर अड़े चौटाला ने भी अपने तेवर नरम करते हुए कह दिया है कि अगर आईओसी उन्हें ऐसा करने को कहती है तो वह इस पद से त्याग पत्र दे देंगे।
यही नहीं खेल मंत्रालय के कारण बताओ नोटिस और इस विवाद को ही जड़ से खत्म करने के लिए आईओए ने आईओसी से अपने संविधान में संशोधन कराने की भी तैयारी कर ली है। आईओए अपने संविधान से चार्जशीटेट शब्द को निकालने जा रही है।
आईओए के संविधान में यही लिखा है कि कोई भी चार्ज शीटेड या दोषी व्यक्ति आईओए के किसी भी पद पर नहीं रह सकेगा। आईओए ने इस संविधान से चार्जशीटेड शब्द को हटाने का फैसला लिया है। अगर आईओसी इस संशोधित संविधान को मंजूरी दे देती है तो फिर कलमाडी और चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर सारा विवाद खत्म हो जाएगा। आईओसी के समक्ष यह प्रस्ताव लेकर आईओए की तीन सदस्यीय कमेटी जाएगी।
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यही नहीं खेल मंत्रालय के कारण बताओ नोटिस और इस विवाद को ही जड़ से खत्म करने के लिए आईओए ने आईओसी से अपने संविधान में संशोधन कराने की भी तैयारी कर ली है। आईओए अपने संविधान से चार्जशीटेट शब्द को निकालने जा रही है।
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आईओए के संविधान में यही लिखा है कि कोई भी चार्ज शीटेड या दोषी व्यक्ति आईओए के किसी भी पद पर नहीं रह सकेगा। आईओए ने इस संविधान से चार्जशीटेड शब्द को हटाने का फैसला लिया है। अगर आईओसी इस संशोधित संविधान को मंजूरी दे देती है तो फिर कलमाडी और चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर सारा विवाद खत्म हो जाएगा। आईओसी के समक्ष यह प्रस्ताव लेकर आईओए की तीन सदस्यीय कमेटी जाएगी।
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चौटाला ने खेल मंत्री को भी आड़े हाथों लिया
चौटाला का कहना है कि चार्जशीटेड व्यक्तियों को एनओसी से दूर रखने का संविधान सिर्फ भारत पर लागू है और यह कहीं नहीं है। इसी वजह से इसे बदलवाने की कोशिश हो रही है। चौटाला ने खेल मंत्री को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि विजय गोयल के आचरण पर आईओसी तक ने रियो ओलंपिक में एतराज जताया था। वह किस हैसियत से उनके बारे में बोल सकते हैं। वह प्रधानमंत्री से मिलकर गोयल के बारे में रियो में की गई उनकी हरकतों के बारे में बताना चाहते हैं।
खेल मंत्रालय ने आईओए को कल शाम साढ़े पांच बजे तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है। माना जा रहा है कि आईओए मंत्रालय को यह कह सकता है कि उसने इस बारे में आईओसी से राय मांगी है या फिर ऐसा भी हो सकता है कि मंत्रालय को कोई जवाब ही न दिया जाए।
आईओए को यह मालूम है कि आईओसी चार्टर के अनुसार मंत्रालय उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता है। फिर वह मंत्रालय से आर्थिक मदद भी नहीं लेता है। दूसरी ओर एफआईएच अध्यक्ष नरिंदर बत्रा के विरोध में आने के बाद फैसले लिए जाने के दौरान आम सभा में मौजूद हॉकी इंडिया भी इसके विरोध में उतर आई है। हॉकी इंडिया ने आईओए से फैसला वापस लेने को कहा है।
खेल मंत्रालय ने आईओए को कल शाम साढ़े पांच बजे तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है। माना जा रहा है कि आईओए मंत्रालय को यह कह सकता है कि उसने इस बारे में आईओसी से राय मांगी है या फिर ऐसा भी हो सकता है कि मंत्रालय को कोई जवाब ही न दिया जाए।
आईओए को यह मालूम है कि आईओसी चार्टर के अनुसार मंत्रालय उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता है। फिर वह मंत्रालय से आर्थिक मदद भी नहीं लेता है। दूसरी ओर एफआईएच अध्यक्ष नरिंदर बत्रा के विरोध में आने के बाद फैसले लिए जाने के दौरान आम सभा में मौजूद हॉकी इंडिया भी इसके विरोध में उतर आई है। हॉकी इंडिया ने आईओए से फैसला वापस लेने को कहा है।