{"_id":"649f29b366bf8660d6023353","slug":"charge-sheet-filed-against-drdo-scientist-accused-of-providing-info-to-pakistani-agent-2023-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: पाकिस्तानी एजेंट को जानकारी देने के आरोपी DRDO वैज्ञानिक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; ये है मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: पाकिस्तानी एजेंट को जानकारी देने के आरोपी DRDO वैज्ञानिक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; ये है मामला
Sat, 01 Jul 2023 12:45 AM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 01 Jul 2023 12:45 AM IST
सार
महाराष्ट्र एटीएस ने तीन मई को डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रदीप कुरूलकर को गिरफ्तार किया था। उस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के जासूस को संवेदनशील जानकारी लीक करने का आरोप है। मामला हनीट्रैप का बताया जा रहा है।
विज्ञापन
DRDO Recruitment 2021
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद-रोधी दस्ते ने शुक्रवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। कुरुलकर पर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) को गोपनीय जानकारी प्रदान करने का आरोप है।
विज्ञापन
इस बीच, उनके वकील ने उन्हें स्तरित आवाज विश्लेषण सहित कुछ परीक्षणों से गुजरने की अनुमति के लिए अभियोजन पक्ष की याचिका का विरोध किया।
सरकारी वकील विजय फरगड़े ने बताया कि 1,000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 (जासूसी के लिए दंड), 4 (विदेशी एजेंट के साथ संचार) और 5 (गलत संचार) के तहत बदलाव शामिल हैं। उन्होंने कहा, इसमें कहा गया है कि कुरुलकर ने जारा दासगुप्ता नाम से सक्रिय एक पाकिस्तानी एजेंट को संवेदनशील जानकारी दी।
विज्ञापन
बता दें कि वैज्ञानिक कुरूलकर पुणे में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक प्रयोगशाला में निदेशक के रूप में काम करते थे। सूत्रों ने कहा कि जारा दासगुप्ता नाम की एक महिला कुरुलकर के संपर्क में थी। एटीएस ने एजेंट के आईपी पते के पाकिस्तान होने का पता चलने के बाद एफआईआर में जारा दासगुप्ता नाम जोड़ा था।
विज्ञापन
वैज्ञानिक व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था
एटीएस के मुताबिक, डीआरडीओ का वैज्ञानिक व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था। एटीएस ने बताया कि जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद डीआरडीओ के अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने संवेदनशील सरकारी जानकारियों को लीक कर अपने दायित्वों और देश की सुरक्षा से समझौता किया। ऐसी जानकारी अगर दुश्मन राष्ट्र के हाथों में पड़ जाए तो यह भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
क्या है मामला?
दरअसल, महाराष्ट्र एटीएस ने तीन मई को डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रदीप कुरूलकर को गिरफ्तार किया था। उस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के जासूस को संवेदनशील जानकारी लीक करने का आरोप है। मामला हनीट्रैप का बताया जा रहा है। उसकी पिछले साल सोशल मीडिया पर एक अनजान से दोस्ती हुई थी। डीआरडीओ ने उनकी गतिविधियों की जांच की और प्रथमदृष्टया जानकारी लीक होना पाया। इसके बाद उन्हें पुणे स्थित लैब के निदेशक पद से बर्खास्त कर दिया गया। वह पुणे में अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर) के प्रमुख पद पर थे।