फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chandrashekhar Bawankule on land deal involve Ajit Pawar son stamp duty notice of Rs 42 crore completely legal

अजित पवार के बेटे से जुड़ा जमीन सौदा: मंत्री बावनकुले बोले- '42 करोड़ का स्टांप शुल्क नोटिस पूरी तरह कानूनी'

Thu, 13 Nov 2025 08:30 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Thu, 13 Nov 2025 08:30 PM IST
सार

राजस्व मंत्री बावनकुले ने पहले कहा था कि वो दोगुने स्टांप शुल्क के भुगतान के नोटिस पर स्पष्टीकरण मांगेंगे। हालांकि, राजस्व मंत्री ने गुरुवार को कहा, ''मैंने कल मामले की जांच के लिए कहा था।''

विज्ञापन
Chandrashekhar Bawankule on land deal involve Ajit Pawar son stamp duty notice of Rs 42 crore completely legal
चंद्रशेखर बावनकुले, मंत्री, महाराष्ट्र - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार (13 नवंबर, 2025) को कहा कि डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे पार्थ से जुड़ी फर्म को 42 करोड़ के दोगुनी स्टांप शुल्क के नोटिस को कानूनी बताया। इसके साथ ही कार्रवाई को उचित ठहराया। संयुक्त महानिरीक्षक पंजीयन ने अमाडिया इंटरप्राइजेज एलएलपी को नोटिस जारी किया है, जिसमें पार्थ सह-भागीदार हैं। 

विज्ञापन


जारी किए गए नोटिस के अनुसार फर्म को पुणे के मुंधवा में स्थित 40 एकड़ सरकारी जमीन के निरस्तीकरण दस्तावेज पर आगे बढ़ने से पहले दोगुना स्टांप शुल्क शुक्रवार तक जमा करने को कहा गया है। विपक्ष ने इस मामले में फर्म पर 1800 करोड़ की जमीन को 300 करोड़ में खरीदने का आरोप लगाया है। मामले पर जारी सियासत के बीच अजित पवार ने इस समझौते को रद्द करने एलान कर दिया था।
विज्ञापन


राजस्व मंत्री बावनकुले ने बुधवार (12 नवंबर, 2025) को कहा था कि वो दोगुने स्टांप शुल्क के भुगतान के नोटिस पर स्पष्टीकरण मांगेंगे। हालांकि, राजस्व मंत्री ने गुरुवार को कहा, ''मैंने कल मामले की जांच के लिए कहा था। जांच के बाद सामने आया है कि पंजीयन और राजस्व विभाग ने सही कार्रवाई की है। लेन-देन का मूल्य 300 करोड़ रुपये दिखाया गया था, जिस पर 21 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क लगाया गया था।'' 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्री ने कहा कि लेन-देन रद्द करते समय 21 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान करने होगा, जिससे कुल स्टांप शुल्क 42 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि यह लेन-देन तकनीकी रूप से गलत था, क्योंकि सरकारी जमीन को निजी तौर पर बेचा जा रहा था। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से यह सौदा अवैध हो गया। 


बावनकुले ने कहा, ''सरकार ने जमीन वापस ले ली है। इस मामले में एक समिति विस्तृत रिपोर्ट बना रही है और इसके मिलते ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।'' अमाडिया इंटरप्राइजेज के साथ जमीन सौदे में शामिल हस्ताक्षरकर्ताओं और विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की ओर से दर्ज मामले में पार्थ पवार का नाम शामिल नहीं है, लेकिन फर्म में भागीदार, उनके एक रिश्तेदार पर मामला दर्ज किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed