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Chandranath Rath: छात्र जीवन में साधु बनना चाहते थे चंद्रनाथ, फिर राजनीति में शुभेंदु के सबसे खास कैसे बने?

Thu, 07 May 2026 10:43 AM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता Published by: Asmita Tripathi Updated Thu, 07 May 2026 10:43 AM IST
सार

पश्चिम बंगाल भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या हो गई है। इसके बाद राज्य का सियासी माहौल गरमा गया है। चंद्रनाथ रथ छात्र जीवन में साधु बनकर आध्यात्मिक रास्ते पर चलना चाहते थे। फिर वह राजनीति में शुभेंदु के सबसे भरोसेमंद कैसे बने? पढ़ें पूरी रिपोर्ट 

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Chandranath wanted to become a monk during his student life how did he become Shubhendu's closest
शुभेंदु के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या हो गई है। उन पर बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या की। वह शुभेंदु अधिकारी के लंबे समय से निजी सहायक थे। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी के विशेष सहायक थे।

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परछाई की तरह नजर आते थे
चंद्रनाथ रथ पिछले सात वर्षों से विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी  के बेहद करीबी शख्स हो गए थे। वह उनकेव्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित करने से लेकर फाइलों को बनाए रखने तक, उनकी बैठकों के लिए तैयारी संबंधी अभ्यास आयोजित करने से लेकर। उनके फोन का जवाब देने तक। रथ हर जिम्मेदारी में अधिकारी की परछाई की तरह नजर आते थे।
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शुभेंदु अधिकारी के पैतृक जिले से रखते थे ताल्लुक
42 वर्षीय रथ भारतीय वायु सेना के पूर्व सैनिक थे। वह अधिकारी के पैतृक जिले पूर्वी मिदनापुर के रहने वाले थे। उनका परिवार लंबे समय से अधिकारी परिवार से जुड़ा रहा है। यहां तक कि तब भी जब अधिकारी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे। शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। रथ के परिवार के सदस्यों का दावा है कि वह अपने छात्र जीवन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे। उन्होंने एक बार भिक्षु बनने की इच्छा भी व्यक्त की थी।



भारतीय वायु सेना में 18 वर्षों तक सेवा दिया
उन्होंने भारतीय वायु सेना में लगभग 18 वर्षों तक सेवा दिया। इसके बाद 2019 में अधिकारी के पूर्णकालिक सहयोगी और निजी सहायक के रूप में स्थायी रूप से काम करना शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारी 2016 से 2021 के बीच पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली और तृणमूल कांग्रेस शासित सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य थे। 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले जब अधिकारी भाजपा में शामिल हुए, तो वह एक बार फिर भाजपा के साये में आ गए। 2021 में नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर चुनाव जीतने के बाद, अधिकारी विधानसभा में विपक्ष के नेता बने और उन्होंने रथ को अपना निजी सहायक चुना।

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इस साल विधानसभा चुनाव से पहले, मीडिया जगत में और अधिकारी के करीबी लोगों के बीच यह चर्चा थी कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है और अगर अधिकारी आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा शासित पहली सरकार के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो रथ निश्चित रूप से नए मुख्यमंत्री के कार्यकारी सहायक होंगे। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत हासिल की है, जहां अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता के भावानीपुर विधानसभा क्षेत्र में ममता बनर्जी को हराने के साथ-साथ अपने गृह नगर नंदीग्राम सीट से भी जीत दर्ज की है।


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