अभी खत्म नहीं हुई है उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की संभावना
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कांग्रेस के प्रवक्ता मीम अफजल के लबों पर एक सवाल है, वह पूछ रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में महागठबंधन न होने की अफवाह कौन फैला रहा है? कौन है जो सपा-कांग्रेस-बसपा-रालोद की प्रस्तावित एकजुटता को लेकर भ्रम फैलाने में लगा है? अमर उजाला से विशेष बातचीत में मीम अफजल का कहना है कि अभी इसकी संभावना खत्म नहीं हुई है।
मीम अफजल को भी पूरी उम्मीद है कि महागठबंधन होगा। उनका कहना है कि भाजपा महागठबंधन होने के बाद उत्तर प्रदेश में पैदा होने वाली राजनीतिक तस्वीर से घबरा गई है। इसलिए महागठबंधन को लेकर लगातार भ्रम फैलाने में लगी है। मीम अफजल का कहना है कि महागठबंधन की चर्चा के दिन से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह लगातार इसे खारिज करने में जुट गए हैं।
कांग्रेस बहाने क्यों ढूंढ रही
भाजपा के प्रवक्ता नलिन कोहली ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में मीम अफजल के आरोप को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महागठबंधन को लेकर बहाने क्यों ढूंढ रही है? जब वह सपा और बसपा के साथ गठबंधन में होगी तो सबको पता चल जाएगा। अभी रिपोर्ट लिखे जाने तक तो वह सपा-बसपा के साथ गठबंधन का हिस्सा है नहीं? कोहली का कहना है कि फिर इससे भाजपा का क्या लेना देना? इसके लिए कांग्रेस का भाजपा को कोसना ठीक नहीं।
सपा और बसपा ने बताया अफवाह
बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने सपा और बसपा में किसी तरह के गठबंधन होने, सीटों के बंटवारे पर बात होने से इनकार किया है। मिश्रा का कहना है कि उन्हें इस तरह के किसी गठबंधन, बैठक आदि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सतीश चंद्र मिश्रा के अनुसार सपा और बसपा में गठबंधन को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है।
मायावती के जन्मदिन पर आमंत्रित मेहमानों में गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई के सवाल को भी मिश्रा ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ है और न ही होगा। इस तरह के आयोजन में किसी के लिए दरवाजे बंद नहीं होते। जो भी बहन जी (मायावती) को जन्मदिन की शुभकामना देना चाहे, दे सकता है।
सतीश चंद्र मिश्रा के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसे अफवाह करार देते हुए बसपा के साथ सीटों के बंटवारे और गठबंधन की चर्चा पर विराम लगा दिया। कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल का कहना है कि यदि ऐसा हुआ होता तो दोनों पार्टियों के जिम्मेदार नेता आखिर इसे खारिज क्यों करते?
शाह और तानाशाह दोनों का दौर खत्म
मीम अफजल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि शाह (अमित शाह) और तानाशाह (प्रधानमंत्री मोदी) दोनों का दौर अब खत्म हो चला है। दोनों नेताओं की इससे घबराहट बढ़ गई है। शाह और तानाशाह दोनों पांच राज्यों का चुनाव नतीजा पचा नहीं पा रहे हैं। इन्हें 2019 में अपनी करारी हार साफ दिखाई दे रही है।
उत्तर प्रदेश में महागठबंधन इनकी घबराहट बढ़ा रहा है। इसलिए भाजपा के नेता महागठबंधन जैसी संभावना को लेकर भ्रम फैलाने में लगे हैं। वह चाहते हैं कि कांग्रेस-सपा-बसपा-रालोद में आपस में दरार पड़े। उत्तर प्रदेश के लोग भ्रमित रहें। इसलिए इस तरह की कोशिश को अंजाम दे रहे हैं।
जरूर होगा महागठबंधन
मीम अफजल का कहना है कि उन्हें उत्तर प्रदेश में महागठबंधन होने की पूरी उम्मीद है। क्योंकि महागठबंधन इन चारों दलों की जरूरत है। लोकसभा चुनाव में उतरने की योजना बना रहे अफजल का कहना है कि राज्य में कहीं भी जाइए, हर व्यक्ति भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए महागठबंधन की जरूरत महसूस कर रहा है।
इसके अलावा सभी विपक्षी दल सत्ता से भाजपा को बाहर करने के पक्ष में है। इसलिए महागठबंधन होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों की एकता के पक्ष में हैं। वह चाहते हैं कि सभी राज्यों में चुनाव पूर्व तालमेल हो और इसमें सहयोगी दलों का उनकी स्थिति के हिसाब से सम्मानजनक स्थान हो।
उन्होंने उम्मीद जताई की कांग्रेस के साथ अन्य दलों का उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, झारखंड, कर्नाटक समेत अन्य कई राज्यों में तालमेल होगा। राजनीतिक दल कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए चुनाव लड़ेंगे।