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चुनौती: अल नीनो की मार व पश्चिम एशिया संकट से खाद को लेकर बढ़ता दबाव; यूरिया खरीद 50% बढ़ी, राज्यों को निर्देश

Sun, 31 May 2026 06:16 AM IST
Pavan पूनम मेहता, अमर उजाला, नई दिल्ली
पूनम मेहता, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Sun, 31 May 2026 06:16 AM IST
सार

अल नीनो और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए राज्यों को सतर्क रहने को कहा है। यूरिया की असामान्य मांग के बीच जमाखोरी-कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कम पानी वाली फसलों के 1.74 लाख मीट्रिक टन बीजों का भंडार तैयार किया गया है।

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Challenge: El Nino-West Asia crisis have increased fertilizer pressure; urea purchases have increased by 50%
चुनौती: अल नीनो की मार व पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अल नीनो के कारण इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन को लेकर राज्यों को सतर्क रहने को कहा है। देश में प्रतिदिन लगभग 80 हजार मीट्रिक टन यूरिया की खरीद हो रही है, जो सामान्य स्तर से करीब 50 प्रतिशत अधिक है। इसके बाद केंद्र ने राज्यों को जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत की आशंका पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। 
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दिल्ली में पूसा स्थित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन में पहली बार 22 राज्यों के कृषि मंत्री, केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिक एक मंच पर जुटे। इस बैठक में कृषि उत्पादन, उर्वरक उपलब्धता, जल प्रबंधन और किसानों को मौसम संबंधी चुनौतियों से बचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार की चिंता केवल खेती के चालू सीजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यापक आर्थिक और सामाजिक प्रभाव पर है।
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कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
यूरिया की रिकॉर्ड और असामान्य खरीद को देखते हुए केंद्र ने राज्यों से कहा कि वे खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि वास्तविक किसानों तक समय पर और सही दाम में खाद पहुंच सके। साथ ही राज्यों को किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए अभी से जिला स्तर तक एक मजबूत और सक्रिय निगरानी तंत्र व नियंत्रण कक्ष विकसित करने का निर्देश दिया।
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फसलों के लिए बीज भंडार तैयार
बुवाई के समय पानी की कमी के कारण खेतों को खाली रहने से बचाने के लिए केंद्र ने अपने स्तर पर व्यापक बैकअप प्लान तैयार किया है। इसके तहत कम पानी की जरूरत वाले, उच्च गुणवत्ता वाले और संकट के समय काम आने वाले वैकल्पिक फसलों के करीब 1,74 लाख मीट्रिक टन बीजों का विशेष भंडार पहले ही सुरक्षित किया गया है। अभी देश में कुल बीज उपलब्धता लगभग 1.90 लाख मीट्रिक टन है।
 
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