Goa Murder Case: पति का दावा- सूचना सेठ ने बच्चे से मिलने को बंगलुरू में बुलाया, चेक-इन गोवा होटल में किया
रमन के वकील ने कहा कि पति को पता नहीं था कि उसकी पत्नी और बच्चा गोवा में हैं और वह निर्धारित बैठक स्थल पर गए और एक घंटे तक इंतजार किया लेकिन जब वह नहीं आई तो वे चले गये। चार वर्षीय बच्चे का शव 8 जनवरी को सेठ के सूटकेस में मिला था।
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देश को झकझोर देने वाले गोवा मर्डर केस में अब आरोपिता माइंडफुल एआई लैब की फाउंडर और सीईओ सूचना सेठ के पति वेंकट रमन का बयान सामने आया है। उनके वकील ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि अदालत के आदेश के बावजूद कथित तौर पर वेंकट रमन को उनकी पत्नी ने कम से कम तीन सप्ताह तक उनके बेटे से मिलने का मौका देने से इनकार कर दिया था। चार साल के बच्चे की हत्या की आरोपिता सूचना ने उन्हें सात जनवरी को बंगलूरू के एक इलाके में बच्चे से मिलने के लिए कहा था, लेकिन उस वक्त गोवा में एक सर्विस्ड अपार्टमेंट में चेक इन कर चुकी थी।
सूचना सेठ के पति वेंकट रमन के वकील ने कहा कि सीईओ ने 6 जनवरी को रमन को एक ई-मेल भेजा और कहा कि वह अगले दिन उनके बच्चे से मिल सकते हैं। हालांकि, गोवा सर्विस्ड अपार्टमेंट के मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, जिस रात यह ई-मेल भेजा गया था, उसी रात उसने अपने चार साल के बेटे के साथ चेक-इन किया था। दस जनवरी तक कमरा बुक कर लिया गया और भुगतान भी कर दिया गया था।
रमन के वकील ने कहा कि पति को पता नहीं था कि उसकी पत्नी और बच्चा गोवा में हैं और वह निर्धारित बैठक स्थल पर गए और एक घंटे तक इंतजार किया लेकिन जब वह नहीं आई तो वे चले गये। चार वर्षीय बच्चे का शव 8 जनवरी को सेठ के सूटकेस में मिला था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रमन ने शनिवार दोपहर को गोवा पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया और कहा कि उन्हें पिछले पांच हफ्तों से बच्चे से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।
कार्रवाई की मांग व्यर्थ
शनिवार को हिंदी में पत्रकारों से बात करते हुए, रमन के वकील, अजहर मीर ने कहा कि बच्चे की मौत के बाद कार्रवाई की मांग करना व्यर्थ था। यह कहते हुए, हमें किसी न्याय की उम्मीद नहीं है। बच्चे की मौत हो चुकी है और मां ने ऐसा क्यों किया, यह एक मायने में अप्रासंगिक है।
यह पूछे जाने पर कि हत्या का कारण क्या हो सकता है, उन्होंने कहा, हम केवल अनुमान लगा सकते हैं। एक मां द्वारा अपने बच्चे के साथ ऐसा करना इतना अप्राकृतिक है। जहां तक ट्रिगर का सवाल है, हम अनुमान लगा सकते हैं कि वह शायद नहीं चाहती थी कि बेटा पिता से मिले और इसलिए उसने मामला दर्ज कराया। हिरासत विवाद में प्रत्येक पक्ष सोचता है कि उनका अधिकार है, लेकिन बच्चे को माता और पिता दोनों से प्यार प्राप्त करने का समान अधिकार है।